Uttarakhand Minister Resign उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से जिस तरह से राजनीतिक हालात बने हैं, कई तरह की अफवाह और सुर्खियां भी खूब चर्चाओं में है। लेकिन इन सबके बीच में सबसे बड़ी चर्चा कुछ मंत्रियों के कैबिनेट से बाहर किए जाने की भी सामने आ रही है। बीते दिनों पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिल्ली गए और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री और 2022 से पहले लंबे समय तक भाजपा की सरकार चलाने वाले दिग्गज त्रिवेंद्र भी दिल्ली दरबार में कुछ खास मकसद लेकर हाजिर हो चुके हैं । इसके बाद से ही लगातार कयास लगाए जा रहे हैं कि जिस तरह से प्रचंड बहुमत की युवा धामी सरकार ने शानदार आगाज के साथ सरकार चलानी शुरू की थी उसमें 100 दिन के हनीमून पीरियड के बाद अचानक यह कौन सा तूफान खड़ा हो गया जिसने हर मंत्री की कुर्सी को गर्म कर दिया ?
Uttarakhand Minister Resign धामी का शासन काल बेहतरीन

- Uttarakhand Minister Resign पहले प्रदेश के वरिष्ठ विधायक और कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल की कुर्सी पर खतरा मंडराने की खूब खबर चलाई गई । इसके बाद सोमेश्वर की विधायक और पूर्व कांग्रेसी रही भाजपा कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के मामले में भी तरह-तरह की अफवाह सामने आती रही। उनकी सिफारिशी चिट्ठी हो या कुछ अन्य आदेश या फिर नौकरशाही से उनका खट्टा रिश्ता। मीडिया में अक्सर ये मामले राज्य सरकार के लिए बड़ा स्पीड ब्रेकर साबित होते रहे हैं। इन सबके बीच बीते दिनों पूर्व शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे का मामला भी मीडिया में तैरता नजर आया । नियम कानून भुलाकर इसे नौकरी देने का मामला बताया गया । हालांकि इन में कितनी सच्चाई है और कितनी मनगढ़ंत अफवाह यह तो जांच का विषय है ।

- लेकिन जिस तरह से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सख्त और आक्रामक नज़र आये हैं उसने बता दिया है कि अगर कुछ मंत्रियों की कुर्सी जायेगी भी तो उसकी असली वजह तथाकथित भ्रष्टाचार , फर्जी नियुक्ति नहीं बल्कि वह होगी वजह जिस पर शायद अब कोई ध्यान नहीं दे रहा है। लेकिन दिल्ली में बैठे पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश के नेताओं से मिल रही जानकारी के मुताबिक मंत्रियों की कुर्सी जाने की असल वजह कुछ और है । जब हमने देहरादून में पार्टी के कुशल और अनुभवी रणनीतिकारों से अनौपचारिक बातचीत की तो उन्होंने भी बताया कि मुख्यमंत्री धामी अपनी छवि और सरकार की साख पर कोई सवाल उठने नहीं देना चाहते है।

- Uttarakhand Minister Resign बिल्कुल सही समझा आपने , अगर भ्रष्टाचार के आरोप में या उन पर लग रहे विपक्षियों के तथाकथित मिलीभगत के मामले में अगर मंत्रियों से धामी सरकार इस्तीफा लेती है तो विपक्ष और ज्यादा हमलावर होगा । और सरकार भी थोड़ा बहुत ही सही लेकिन असहज भी जरूर हो जाएगी। ऐसे में पार्टी मुख्यालय में दिनभर मीडिया से पार्टी का पक्ष बताने वाले बड़े-बड़े नेता और कई वरिष्ठ विधायक बताते हैं कि मंत्रियों को उनके परफॉर्मेंस के आधार पर बाहर किए जाने की पूरी संभावना बनी हुई है और यह बात खुद कई मंत्री भी जानते हैं।

- Uttarakhand Minister Resign आखिर में चलते चलते हम आपको यह बता देते हैं अभी इस्तीफे की संभावना 50 – 50 है। लेकिन अगर ऐसा होता है तो यकीन मानिए सरकार और पार्टी अपनी साख और लोकप्रियता को बचाने के लिए 100 दिन के कामकाज को ही आधार बनाने वाली है। लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर कुछ मंत्री बाहर किए जा रहे हैं तो किन विधायकों को अंदर लिया जाएगा ? क्योंकि जल्द ही पंचायत चुनाव होने हैं उसके बाद नगर निगम और 2024 का चुनाव भी बेहद करीब है ऐसे में भाजपा संगठन बीच का रास्ता निकालते हुए कुछ ऐसा करेगी जिससे सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे । मतलब अकलमंद को इशारा काफी है …अफवाहों पर ना जाए अपनी अक्ल लगाएं।

