Shankracharya Swaroop anand Death देश में हिंदुओं की आस्था के सबसे बड़े प्रतीक के रूप में स्वीकार किए जाने वाले आदि गुरु शंकराचार्य की पथ पर चल रहे वयोवृद्ध शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती का आज मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में में निधन हो गया। स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती महाराज करोड़ों सनातन हिन्दुओं की आस्था के ज्योति स्तंभ रहे हैं।

- जगद्गुरु शंकराचार्य श्री स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी दो मठों (द्वारका एवं ज्योतिर्मठ) के शंकराचार्य थे । स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का जन्म मध्य प्रदेश राज्य के सिवनी जिले में जबलपुर के पास दिघोरी गांव में ब्राह्मण परिवार में हुआ था. उनके माता-पिता ने इनका नाम पोथीराम उपाध्याय रखा था. महज नौ साल की उम्र में उन्होंने घर छोड़ धर्म की यात्रा शुरू कर दी थी.
Shankracharya Swaroop anand Death मध्य प्रदेश में हुआ निधन

- Shankracharya Swaroop anand Death इस दौरान वो उत्तरप्रदेश के काशी भी पहुंचे और यहां उन्होंने ब्रह्मलीन श्री स्वामी करपात्री महाराज वेद-वेदांग, शास्त्रों की शिक्षा ली. आपको जानकर हैरानी होगी कि साल 1942 के इस दौर में वो महज 19 साल की उम्र में क्रांतिकारी साधु के रुप में प्रसिद्ध हुए थे. क्योंकि उस समय देश में अंग्रेजों से आजादी की लड़ाई चल रही थी……आज स्वामी जी के आध्यत्मिक उम्र में 99 साल पार करने के बाद सन्त के सफर का अंत हो गया।
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