Uttarakhand News मासूम बच्चे की मौत का कौन जिम्मेदार ?

Uttarakhand News  उत्तराखंड में बीमार स्वास्थ्य सेवाओं का शायद कोई इलाज़ ही नहीं है। ये शर्मनाक सच तब हमारे सामने तब मुंह चिढ़ाता नज़र आ रहा है जब खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री मीटिंगों में स्वास्थ्य सेवाओं को चुस्त दुरुस्त बनाने की सख्त हिदायतें देते हैं और स्वास्थ्य सचिव भी डॉक्टर्स और जिला अस्पतालों को वॉर्निंग दर वार्निंग देकर आम मरीज़ों के लिए बेहतर इलाज़ और अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाने की नसीहतें देते रहते हैं।

बागेश्वर जिला चिकित्सालय में मासूम बच्चे की मौत Uttarakhand News

Uttarakhand News
लेकिन कभी गर्भवती महिला की खबर , कभी समुचित इलाज़ न मिलने से जान गंवाने की खबर और अब बागेश्वर जिला चिकित्सालय में एक बच्चे की मौत ने तो जैसे सिस्टम की पोल ही खोल दी है और इस संजीदा मामले में हुई गंभीर लापरवाही सर्वोत्तम उत्तराखंड के विजन को अंगूठा दिखाती नज़र आ रही है। हांलाकि स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर कठोर संज्ञान लेते हुए दोषी चिकित्सकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट एवं कारण बताओ नोटिस के उत्तर के बाद लापरवाह डॉक्टर्स और स्वास्थ्य कर्मियों पर तगड़ा हंटर भी चला है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग का सख्त एक्शन

लापरवाह चिकित्सकों और कर्मचारियों पर गिरी गाज

1. डॉ. तपन शर्मा – प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला चिकित्सालय बागेश्वर
आरोप: असंवेदनशीलता, एम्बुलेंस व्यवस्था सुनिश्चित न करना, प्रशासनिक अक्षमता।
कार्रवाई: तत्काल प्रभाव से पद एवं दायित्वों से अवमुक्त। निदेशक कुमांउ मंडक के साथ संबद्व किया गया है।

2. ईश्वर सिंह टोलिया एवं लक्ष्मण कुमार – 108 वाहन चालक
आरोप: कर्तव्यों के प्रति उदासीनता एवं असंवेदनशीलता।
कार्रवाई: एक माह तक कार्य से विरक्त रहने का आदेश एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु निर्देश।

3. महेश कुमार (नर्सिंग अधिकारी), श्रीमती हिमानी (नर्सिंग अधिकारी) एवं सूरज सिंह कन्नाल (कक्ष सेवक)
आरोप: अपने कर्तव्यों के प्रति असंवेदनशीलता व उदासीनता।
कार्रवाई: कठोर चेतावनी जारी, भविष्य में पुनरावृत्ति न हो इसका आदेश।

4. डॉ. भूरेन्द्र घटियाल – चिकित्साधिकारी, जिला चिकित्सालय बागेश्वर
आरोप: कर्तव्यों के प्रति उदासीनता एवं संवेदनशीलता की कमी।
कार्रवाई: कठोर चेतावनी जारी, भविष्य में पुनरावृत्ति न हो इसका आदेश।

5. डॉ. अंकित कुमार – बाल रोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय बागेश्वर
आरोप: संघर्षरत बालक के प्रति सहानुभूति न दिखाना एवं उदासीनता।
कार्रवाई: प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने का आदेश।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं – होगी कड़ी कार्यवाही – स्वास्थ्य सचिव

एक तरफ मुख्यमंत्री धामी जनता के बीच अपनी सरकार के संवेदनशील छवि को मजबूत बना रहे हैं तो दूसरी तरफ अनुभवी आईएएस और सचिव स्वास्थ्य डॉ आर. राजेश कुमार लम्बे समय से स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली सुधारने , डॉक्टर्स में ड्यूटी के प्रति अनुशासन लाने और आम मरीज़ों को सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं देने में जुटे हैं तो वहीँ प्रदेश में ऐसी निर्मम घटनाएं इन प्रयासों के लिए एक झटका साबित होती हैं लिहाज़ा स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने इस मामले में कहा है कि यह घटना अत्यंत दुखद है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि हर अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी पूरी संवेदनशीलता के साथ निभाएं, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।