आशीष तिवारी की रिपोर्ट –

Uttarakhand Police परिवार में किसी की अचानक मौत हो जाये तो उसकी कमी कोई पूरी नहीं कर सकता है। फिर बात माँ की हो और वो खाकी की ड्यूटी में जान गँवा दे तो तकलीफ बेहिसाब होती है लेकिन मित्र पुलिस के परिवार ने उनके आश्रित बच्चों का साथ दिया हौसला दिया और उनके भविष्य को अभिभावक बनकर सुरक्षित किया है। ये मामला देहरादून से हैं जहाँ पुलिस सैलरी पैकज योजना के अन्तर्गत विभिन्न बैंकों के साथ पुलिस कार्मिकों का वेतन खातों पर रुपए 1 करोड़ का दुर्घटना बीमा अनुमन्य किया गया है।आपको बता दें कि उत्तरकाशी में नियुक्त रहीं अपर उपनिरीक्षक स्व0 कान्ता थापा का 20 जुलाई, 2024 को कांवड़ मेला ड्यूटी में कर्तव्य निर्वहन के दौरान हरिद्वार बाईपास रोड, देहरादून में सड़क दुर्घटना में असामयिक स्वर्गवास हो गया था।
वर्दी के साथ भी वर्दी के बाद भी साथ Uttarakhand Police

संवेदनशीलता और सहयोग के साथ आज डीजीपी मुख्यालय में खुद डीजीपी दीपम सेठ ने स्व0 कान्ता थापा के आश्रितजनों (बच्चों) कु0 करिष्का मोहन थापा व परिचय थापा से पुलिस मुख्यालय में मुलाकात कर उनकी शिक्षा, जॉब व आवास से सम्बन्धित आवश्यकताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

डीजीपी, ने स्व0 कान्ता थापा के असामयिक देहान्त पर गहन संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस विभाग में उनकी कर्तव्यनिष्ठा व योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने दोनों बच्चों की शिक्षा और भविष्य को लेकर हरसम्भव सहायता का आश्वासन दिया। साथ ही स्व0 कान्ता थापा के आश्रितों को मिलने वाली पारिवारिक पेंशन एवं समस्त वित्तीय प्रकरणों को यथाशीघ्र निस्तारित करने हेतु पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी को निर्देशित किया।

पुलिस महानिदेशक, द्वारा सच्चिदानन्द दुबे, जनरल मैनेजर, पंजाब नेशनल बैंक व अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में दोनों बच्चों को दुर्घटना बीमा राशि रुपए 1 करोड़ का चेक पुलिस सैलरी पैकज योजना के अन्तर्गत प्रदान किया गया। डीजीपी, ने पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों का इस योजना के लिए विशेष आभार जताया। पुलिस महानिदेशक, ने कहा कि, उत्तराखंड पुलिस न केवल कर्मियों के कर्तव्य पालन में सहयोगी है, बल्कि उनके और उनके परिजनों के कल्याण और सुरक्षा के लिए भी पूरी तरह समर्पित है। यह हमारा नैतिक दायित्व है कि हम अपने प्रत्येक पुलिसकर्मी और उनके परिवार को सम्मान, समर्थन और हर संभव सहायता प्रदान करें।
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