Nelong Valley नेलांग घाटी पर लें पर्यटन का मजा

Nelong Valley नेलांग घाटी वो जगह है जहां प्रकृति, इतिहास और रोमांच एक साथ सांस लेते हैं. यह घाटी आम पर्यटन स्थलों से अलग है, न यहां की भीड़ और न शोर. सिर्फ वीरान पहाड़, सन्नाटा और सरहदें, जो आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाती हैं. नेलांग की वादियों में कदम रखते ही लगता है जैसे वक़्त रुक गया है और बड़े-बड़े पहाड़ आपको प्रकृति की ओर आकर्षित करते हैं. उत्तरकाशी की नेलांग घाटी का सबसे अनोखा अनुभव है

भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नेलांग में पुलिस चौकी का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही जनपद के दूरस्थ क्षेत्र मोरी के दोणी सहित चिन्यालीसौड़ के जोगत और बनचौरा क्षेत्र में रिपोर्टिंग पुलिस चौकी बनाई जाएगी। इसके लिए पुलिस ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। इसकी स्वीकृति मिलने पर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।इसमें जनपद के एक बड़े क्षेत्र को राजस्व पुलिस से रेगुलर पुलिस चौकी में शामिल किया जाएगा। जिसमें नेलांग-जादूंग गांव को हर्षिल थाने के तहत शामिल किया जाएगा। इसके अलावा कोतवाली सहित धरासू और मोरी, पुरोला में नई पुलिस चौकियां बनाई जाएंगी।

जादूंग गांव हर्षिल थाने में शामिल किया जाएगा Nelong Valley

Nelong Valley

उत्तराखंड की सुंदर वादियां आखिर किसे पसंद नहीं। यहां ऐसे कई इलाके हैं, जो बेहद खूबसूरत हैं। उत्तरकाशी जिले में स्थित नेलांग घाटी भी बेहद मनोरम और सुंदर है। कोई इसे उत्तराखंड का लद्दाख कहता है, तो कोई पहाड़ का रेगिस्तान। हालांकि, कई पर्यटकों का मानना है कि यह जगह लद्दाख से भी बेहतर है। घाटी की ऊंचाई 11,400 फुट है। घाटी उत्तरकाशी जिले में स्थित नेलांग नामक गांव के पास की जगह है। यह गंगोत्री नैशनल पार्क का एक हिस्सा है। इसमें जाड़ गंगा समेत दो नदियां बहती हैं। गंगा भागीरथी से संगम स्थल भैरों घाट पर मिलती है।

चिन्यालीसौड़ का जोगत और बनचौरा सहित मोरी का दोणी क्षेत्र भी दूरस्थ है। इन स्थानों पर पुलिस चौकी बनने से लोगों को मुख्य थानों तक पहुंचने के लिए करीब 50 से 80 किमी की दूरी बच जाएगी। एसपी कमलेश उपाध्याय का कहना है कि जनपद में नेलांग सहित छह नई पुलिस चौकियों के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही इस पर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।