Uttarakhand Waqf Board मुस्लिम महिलाओं को फ्री घर देगी भाजपा सरकार

Uttarakhand Waqf Board   वक्फ संपत्तियों के सालों पुराने दुरुपयोग पर नकेल कसने के बाद अब वक्फ बोर्ड के जरिए समाज के सबसे कमजोर वर्ग को सीधा फायदा पहुंचाने का खाका तैयार किया गया है. उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार और वक्फ बोर्ड मिलकर मुस्लिम समाज की पीड़ित महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने तीन तलाक और हलाला जैसी कुप्रथाओं की शिकार हुई महिलाओं के पुनर्वास की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने इन पीड़ित और बेसहारा महिलाओं को मुफ्त आवास उपलब्ध कराने की योजना तैयार की है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा, अगले महीने बोर्ड बैठक में इसके लिए प्रस्ताव लाया जाएगा।

शादाब शम्स के मुताबिक बोर्ड के पास हर जिले में हजारों बीघा जमीन उपलब्ध है। इस जमीन का उपयोग जरूरतमंद महिलाओं के लिए किया जाएगा। बोर्ड की जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों को सख्ती से हटाया जाएगा। इसके बाद खाली कराई गई जमीनों और भवनों पर पीड़ित बेटी और बहनों का अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा।

ट्रिपल तलाक, हलाला पीड़िता और विधवाओं को मिलेगा मुफ्त घर Uttarakhand Waqf Board

शम्स के मुताबिक मुस्लिम समाज में कई बार तीन तलाक के बाद पति दूसरा विवाह कर लेता है। जिसके बाद ऐसी बहनें और बेटियां दर्द और दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो जाती हैं। ऐसे में यह योजना उन्हें संबल प्रदान करेगी। इस पहल के तहत सरकार का मकसद समाज की उन पीड़ित महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें सुरक्षित आशियाना देना है, जो तीन तलाक, हलाला और पति की मौत के बाद बेसहारा हो चुकी हैं। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के मुताबिक सरकार ने UCC लागू कर तीन तकाल पर रोक लगाई है, लेकिन इसके बाद भी समाज में बड़ी संख्या में इस तरह की पीड़ित महिलाएं हैं।

वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा जिन महिलाओं के पास रहने के लिए अपना घर नहीं है और जो आर्थिक रूप से बेसहारा हैं, उन्हें वक्फ की संपत्तियों और उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से आवास की सुविधा देने पर विचार किया जा रहा है।

अभी यह योजना प्रस्तावित है, वक्फ बोर्ड की बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा। -खजानदास, मंत्री समाज कल्याण