देहरादून: अस्पताल से डिस्चार्ज होकर मंत्री रेखा आर्या पहुंचीं टपकेश्वर मंदिर

मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू पर कई आरोप लगाए थे। जिसके बाद देहरादून में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस दौरान मंत्री की तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। अब उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या शनिवार रात अस्पताल से डिस्चार्ज हो गई थीं। डिस्चार्ज होकर अपने सरकारी आवास पहुंची थीं। अस्पताल के डॉक्टर के मुताबिक, उनका स्वास्थ्य पहले से ठीक है, हालांकि कभी-कभी उनका बीपी बढ़ रहा है। आज सुबह वह टपकेश्वर मंदिर पहुंचीं और पूजा अर्चना की और कन्या पूजन किया। वहीं, अब आज एसआईटी मंत्री के बयान भी ले सकती है।

बता दें कि मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति पर एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसकी जांच के लिए एसआईटी गठित का गठन किया गया था। एसपी देहात जया बलोनी के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम मामले की जांच करेगी। लेकिन इस दौरान मंत्री की तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद टीम ने कहा था कि मंत्री के ठीक होने के बाद बयान दर्ज किए जाएंगे।

ईष्ट देव गोलज्यू की कसम ऑडियो शत प्रतिशत सही : रेखा
मंत्री रेखा आर्या ने कहा, गोलज्यू (गोलू देवता) की कसम, जो हमारे ईष्ट देव हैं, उनकी कसम खाना सत्यता पर पत्थर की लकीर है। जो ऑडियो जारी किया है शत प्रतिशत सही है। उन्होंने कहा, इसमें किसी तरह का कोई एआई नहीं है। यह पूरी तरह से ऑरिजनल है। उनके परिवार में एक व्यावहारिक परिवर्तन जाति सूचक शब्दों एवं सहयोगियों को धमकाने के रूप में दिखाई दे रहा था, इसका परीक्षण किया तो यह ऑडियो सामने आया। इसमें उस पत्नी को जिसने 22-23 साल पूरी ईमानदारी से अपना सब समर्पण किया। उसे किस तरह से संबोधित किया जा रहा है। यह सब जनता के सामने है। इसमें उस पत्नी को मरवाने के लिए एक महिला को सपोर्ट किया जा रहा है।

मैं जिस सरकार में हूं, वह महिलाओं के साथ खड़ी है
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री ने कहा, वह जिस सरकार में हैं, वह महिलाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा, उनके पास जब महिलाएं अपना दुख लेकर आती हैं, तो वह उन्हें सुझाव देती हैं कि अत्याचार को सहन न करें। ऐसे में इस तरह की घटना जब खुद उनके साथ हुई तो उन्होंने भी निर्णय लिया कि कहना है, अत्याचार को नहीं सहना है। उन्होंने इस प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज कराई। उत्तराखंड पुलिस जिस तरह सामान्य महिला की प्राथमिकी दर्ज कर न्याय दिलाती है। उन्हें भी न्याय दिलाएगी।

घटना को उगाकर करने के बाद जानती थी कितनी टिका टिप्पणी होगी
मंत्री ने कहा, महिला साधारण हो, आम हो या विशेष पद पर हो यदि उसके साथ इस तरह की अनहोनी और घरेलू हिंसा होती है, तो उसे निर्णय लेना चाहिए और करके दिखाना चाहिए। महिलाएं कई बार यह सोचकर की लोग क्या कहेंगे, पारिवारिक परिस्थतियां और सामाजिक प्रतिष्ठा को देखते हुए अत्याचार को सहन करती रहती हैं। मंत्री ने कहा, वह सरकार में हैं, तीन बार से विधायक और दो बार की मंत्री हैं, वह पहले से जानती थी कि इस घटना को उजागर करने के बाद उन पर न जाने कितनी टीका टिप्पणी होगी। उनके व्यक्तिगत जीवन पर आरोप लगेंगे, जिसे कोई सही व कोई गलत समझेगा, लेकिन उन्होंने इन सब चीजों को दरकिनार करते हुए एक महिला को अपने आत्म सम्मान के लिए जो करना चाहिए वह किया।