Sleeping On Stomach Side क्या आप पेट के बल सोते हैं ?

Sleeping On Stomach Side रात को आराम से सोना हर किसी की ज़रूरत होती है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी सोने की पोजीशन भी आपके स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल सकती है ? बहुत से लोग आदतन या आराम के लिए पेट के बल सो जाते हैं, लेकिन यह आदत जितनी सहज लगती है, उतनी ही धीरे-धीरे शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है.

डॉक्टरों का मानना है कि सोने का तरीका आपकी रीढ़, गर्दन, त्वचा और यहां तक कि पाचन तंत्र तक को प्रभावित कर सकता है. चलिए, जानते हैं कि पेट के बल सोने से आपके शरीर पर क्या-क्या असर पड़ता है

1. रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव

रीढ़ की हड्डी शरीर का सबसे अहम सहारा होती है. लेकिन जब आप पेट के बल सोते हैं, तो इसका नैचुरल अलाइनमेंट बिगड़ने लगता है. इससे स्पाइन पर दबाव बढ़ता है, पीठ में दर्द हो सकता है और लंबे समय में स्लिप डिस्क जैसी गंभीर परेशानियां भी जन्म ले सकती हैं.

2. गर्दन और कंधों में खिंचाव

पेट के बल सोने पर आपको सिर एक तरफ घुमाकर सोना पड़ता है, जिससे गर्दन की मांसपेशियों पर लगातार दबाव पड़ता है. इससे सुबह उठते ही अकड़न, दर्द या सिरदर्द हो सकता है. साथ ही कंधों पर भी दबाव बना रहता है, जो जकड़न और असहजता की वजह बन सकता है.

3. चेहरे की त्वचा पर असर

अगर आपकी त्वचा ऑयली है और आप पेट के बल सोते हैं, तो सतर्क हो जाइए! तकिए से चेहरा चिपके रहने से स्किन पर घर्षण होता है, जिससे झुर्रियां जल्दी आ सकती हैं. साथ ही पिंपल्स और एलर्जी जैसी स्किन समस्याएं भी बढ़ सकती हैं.

4. पाचन में रुकावट

पेट के बल सोने से पेट के अंदरूनी अंगों पर दबाव बढ़ता है. इसका सीधा असर पाचन क्रिया पर पड़ता है. गैस, अपच, एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्याएं पेट के बल सोने वालों में आम देखी जाती हैं.

5. गर्भवती महिलाओं के लिए खतरा

गर्भवती महिलाओं को पेट के बल सोने से खासतौर पर बचना चाहिए. इससे गर्भाशय पर दबाव पड़ता है, जो न सिर्फ मां बल्कि बच्चे की सेहत के लिए भी जोखिम भरा हो सकता है. डॉक्टर हमेशा साइड में सोने की सलाह देते हैं, खासकर बाईं करवट.