dangerous is cracking your neck गर्दन चटकने की आवाज हल्के में न लें ! दिनभर काम करने, मोबाइल देखने या लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने के बाद गर्दन में भारीपन और खिंचाव महसूस होना आम बात है. ऐसे में कई लोग राहत पाने के लिए गर्दन को इधर-उधर घुमाकर चटकाने लगते हैं. चटकने के बाद कुछ पल के लिए हल्का महसूस हो सकता है, लेकिन क्या यह आदत वास्तव में सुरक्षित है? विशेषज्ञों के मुताबिक गर्दन से आने वाली आवाज हर बार किसी बीमारी का संकेत नहीं होती, लेकिन इसे बार-बार और जानबूझकर करना नुकसानदायक हो सकता है.
जोड़ों के अंदर क्या होता है ? dangerous is cracking your neck

ऑर्थोपेडिक्स के अनुसार, गर्दन चटकने की आवाज आमतौर पर जोड़ों के भीतर दबाव में बदलाव या गैस के छोटे बुलबुले बनने से जुड़ी होती है. गर्दन के जोड़ों में मौजूद तरल पदार्थ में दबाव बदलने पर ऐसी आवाज सुनाई दे सकती है. अगर कभी-कभार गर्दन सामान्य तरीके से चटकती है और उसके साथ दर्द, सूजन, सुन्नपन या कमजोरी जैसी परेशानी नहीं है, तो आमतौर पर इसे गंभीर चिंता का कारण नहीं माना जाता.
बार-बार गर्दन चटकाना कितना खतरनाक?
गर्दन को राहत के लिए बार-बार जानबूझकर मोड़ना या तेज झटका देकर चटकाना सही आदत नहीं मानी जाती. लगातार ऐसा करने से गर्दन की मांसपेशियों, लिगामेंट्स और जोड़ों पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है. इससे दर्द, अकड़न या असहजता बढ़ सकती है. खासतौर पर गर्दन को बहुत तेजी से या जोर लगाकर घुमाने से बचना चाहिए. गर्दन चटकाने की लगातार इच्छा कई बार खराब पोश्चर, लंबे समय तक स्क्रीन देखने या मांसपेशियों में तनाव की ओर भी इशारा कर सकती है.

किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?
अगर गर्दन चटकाने के साथ लगातार दर्द बना रहता है या हाथों में झनझनाहट और सुन्नपन महसूस होता है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. हाथ-पैर में कमजोरी, चक्कर, तेज सिरदर्द या किसी चोट के बाद गर्दन में परेशानी होने पर भी डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. ऐसे लक्षणों के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं, इसलिए खुद से गर्दन को बार-बार चटकाकर राहत पाने की कोशिश करने के बजाय विशेषज्ञ से जांच कराना ज्यादा सुरक्षित है.
गर्दन को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
गर्दन चटकाने की आदत छोड़ने के लिए सबसे पहले उस वजह पर ध्यान देना जरूरी है जिसके कारण गर्दन में तनाव या जकड़न महसूस होती है. मोबाइल और लैपटॉप इस्तेमाल करते समय सही पोश्चर बनाए रखना, लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठना और बीच-बीच में ब्रेक लेना मददगार हो सकता है. हल्की स्ट्रेचिंग भी की जा सकती है, लेकिन अगर दर्द या दूसरी परेशानी मौजूद है तो एक्सरसाइज विशेषज्ञ की सलाह से ही करनी चाहिए. कभी-कभार गर्दन का अपने आप चटकना आमतौर पर चिंता की बात नहीं है, लेकिन बार-बार गर्दन चटकाने की जरूरत महसूस हो रही है तो इसके कारण को समझना ज्यादा जरूरी है.

