Badrinath Dham DJ Concert देवभूमि को बाजारू संस्कृती मत बनाओ – डॉ मुरली मनोहर जोशी

Badrinath Dham DJ Concert  जिस प्रदेश के पर्यटन और धर्मस्व मंत्री खुद एक संत हों , जिनके हाईप्रोफाइल बर्थडे और प्रवचनों में मोर्डर्न संस्कृति की झलक दिखाई देती हो उन्हें भारतीय जनता पार्टी के वयोवृद्ध नेता और देश के पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ मुरली मनोहर जोशी ने अप्रत्यक्ष रूप से जमकर खरी खोटी सुनाई है। पहले आपको बताते हैं क्यों बेहद गुस्से में हैं डॉ मुरली मनोहर जोशी , इसके लिए आप उनका फेसबुक पोस्ट पढ़ लीजिये अंदाजा लगाना आसान हो जायेगा

DJ कॉन्सर्ट पर भड़के डॉ मुरली मनोहर जोशी

Badrinath Dham DJ Concert

डॉ मुरली मनोहर जोशी लिखते हैं कि ——- बद्रीनाथ धाम में संगीत समारोह ( DJ concert) को अनुमति प्रदान करना ना केवल सांस्कृतिक मर्यादाओं का उन्लंघन है अपितु धाम की पवित्रता पर भी सीधा आघात है। आदि गुरु शंकराचार्य महाराज जी द्वारा इस धाम की स्थापना हिमालयी पर्यावरण मे शांतिपूर्ण तरीके से भगवत भजन के लिए की थी उल्लेखनीय है की इस स्थान पर शंख बजाना भी मना है परंतु हम उसे भूलकर शोर शराबे वाले संगीत कार्यक्रमों का आयोजन कर भारतीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय मूल्यों की घोर उपेक्षा तो कर ही रहे है साँथ में इतनी ऊचाई पर हजारों लोगो के नाचने से उनके स्वास्थ पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की भी उपेक्षा कर रहे है। यह इस बात का प्रतीक है कि अब देवभूमि को बाजारू संस्कृती के रूप में परिणीत किया जा रहा है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने की अपील

मैं भारतीय संस्कृति के अनुयायीयों तथा विशेषकर पूजनीय शंकराचार्यों तथा महात्माओं से यह अनुरोध करता हूँ कि वह संस्कृति के इस क्षरण को रोकने के लिए प्रभावी आवाज उठाये, मैं केंद्र एवं राज्य सरकार से भी आग्रह करूँगा कि वह ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगा कर देवभूमि की मर्यादा को बनाये रखें,
हिमालय देवात्मा है भगवान शंकर का निवास माँ गंगा का उद्गम है इसे नाच ग्रह बनाना करोड़ो भारतीयों की आस्था पर गहरा आघात है।

आपको बता दें कि केदारनाथ धाम में रील बनाने की सख्त पाबंदी लगाई गयी है तो वहीँ उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में डीजे कॉन्सर्ट के आयोजन को लेकर विवाद गहरा गया है। दरअसल, बदरीनाथ धाम में सांस्कृतिक कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद इस मुद्दे पर लगातार बयान सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर आए वीडियो में तेज संगीत, डीजे और लोगों के डांस करने का माहौल दिखा है। इसको लेकर साधु-संतों और मंदिर से जुड़े लोगों ने आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि बदरीनाथ जैसे धार्मिक और आध्यात्मिक स्थल की अपनी मर्यादाएं और परंपराएं हैं। इस प्रकार के आयोजन यहां नहीं होने चाहिए।

देवभूमि की मर्यादा को बनाए रखें – डॉ मुरली मनोहर जोशी 

बदरीनाथ धाम में 19 और 20 सितंबर को अवर हेरिटेज आवर फ्यूचर थीम पर दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम भारतीय सेना के आपरेशन सद्भावना पहल के तहत चमोली जिला प्रशासन और उत्तराखंड पर्यटन के सहयोग से आयोजित हुआ था। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्यों संत और विभागीय मंत्री के रूप में सतपाल महाराज ने इसकी इजाजत दी और अगर उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी तो पर्यटन विभाग ने ऐसा आयोजन किसकी रजामंदी से आयोजित किया। इसका जवाब देवभूमि के चारों धामों में गहरी धार्मिक आस्था रखने वाले करोड़ों भक्तों को कौन देगा ये देखना होगा।