दिमाग की उम्र का पता चला Age Of Brain

अक्सर हम अपने चेहरे की चमक और शरीर की फिटनेस को बनाए रखने के लिए जिम में घंटों पसीना बहाते हैं। हम सभी चाहते हैं कि हम अपनी उम्र से छोटे दिखें, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके दिमाग की उम्र क्या है? क्या उसे भी जवान रखा जा सकता है ? इस सवाल का जवाब एक नए और रोमांचक शोध ने दिया है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि जिस तरह कसरत आपकी मांसपेशियों को कसती है, ठीक उसी तरह एरोबिक एक्सरसाइज आपके ब्रेन को ‘बायोलॉजिकल’ रूप से यंग बना सकती है। यह खबर उन सभी लोगों के लिए एक उम्मीद की किरण है जो बुढ़ापे में भी अपनी याददाश्त को तेज रखना चाहते हैं।

एक साल की मेहनत, एक साल कम उम्र
स्पोर्ट एंड हेल्थ साइंस जर्नल में प्रकाशित और एडवेंट हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह पाया गया कि जो वयस्क नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, उनका दिमाग व्यायाम न करने वालों की तुलना में अधिक युवा और स्वस्थ रहता है , आसान शब्दों में कहें तो, शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों ने एक साल तक नियमित व्यायाम किया, उनका मस्तिष्क अपनी वास्तविक उम्र से लगभग एक साल छोटा (युवा) दिखाई दिया। इसका सीधा असर आपकी याददाश्त, सोचने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है।
कैसे हुआ यह अनोखा शोध?
इस अध्ययन को विशेष रूप से 26 से 58 वर्ष की आयु के 130 स्वस्थ वयस्कों पर किया गया। यह ‘अधेड़ उम्र’ का समय इसलिए चुना गया क्योंकि यही वह वक्त होता है जब हम भविष्य की बीमारियों को रोकने के लिए सही कदम उठा सकते हैं।
शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों को दो समूहों में बांटा:
व्यायाम समूह: जिन्होंने मध्यम से तीव्र एरोबिक व्यायाम किया।
कंट्रोल समूह: जिन्होंने सामान्य जीवन शैली अपनाई और कोई विशेष व्यायाम नहीं किया।

दिमाग की उम्र का पता कैसे चला?
वैज्ञानिकों ने प्रतिभागियों के मस्तिष्क की जांच के लिए एमआरआई स्कैन का उपयोग किया। इससे ‘ब्रेन-पीएडी’ का मापन किया गया, जो यह बताता है कि आपकी असली उम्र के मुकाबले आपका दिमाग कितना बूढ़ा या जवान दिख रहा है।लेखक डॉ. लु वान के अनुसार, “व्यायाम केवल 12 महीनों में मस्तिष्क को जैविक रूप से युवा बना सकता है।” मस्तिष्क को जवान बनाने के लिए बहुत अधिक कसरत की जरूरत नहीं थी। व्यायाम समूह के लोगों ने सप्ताह में लगभग 150 मिनट की एरोबिक गतिविधि की।
व्यायाम करने वालों का फायदा:
उनके मस्तिष्क की जैविक उम्र में लगभग 0.6 वर्ष की कमी आई। यानी उनका दिमाग पहले से जवान हो गया। व्यायाम न करने वालों का नुकसान: दूसरे समूह के लोगों का दिमाग लगभग 0.35 वर्ष अधिक बूढ़ा दिखाई दिया , यह शोध बताता है कि अगर हम समय रहते व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें, तो बुढ़ापे में होने वाली गंभीर समस्याओं से बच सकते हैं। मस्तिष्क की जैविक उम्र को धीमा करने से भविष्य में संज्ञानात्मक गिरावट और डिमेंशिया जैसे खतरों को कम या विलंबित किया जा सकता है।

