Banda POCSO case हैवान पति-पत्नी को फांसी – बेचते थे अश्लील वीडियो

Banda POCSO case हैवानियत और बेरहमी की ये दर्दनाक सच्चाई आपने सुनी तो होगी जो आयी थी यूपी के बांदा जिले से जिसको सुनकर हर किसी का कलेजा दहल गया था.फ़िलहाल पॉस्को कोर्ट पर सबकी निगाहें टिकी हुई थीं, जब कोर्ट में बच्चों के यौन उत्पीड़ने के मामले में दोषी करार दिए गए पति-पत्नी को फांसी की सजा सुनाई गई . यह पूरा मामला वर्षों पुराना है, जिसमें अब जाकर फैसला आया है. इस केस में बच्चों के यौन उत्पीड़ना का ऐसा घिनौना मामले सामने आया था, मासूम बच्चों के साथ पति-पत्नी ने ऐसा जघन्य अपराध किया है कि उनके इंसान होने पर समाज को शर्म आ जाएगी।

 

मोबाइल, चॉकलेट और घड़ी का देते थे लालच Banda POCSO case  


निलंबित सिंचाई विभाग के इंजीनियर रामभवन और दुर्गावती पर आरोप था कि वे बच्चों का यौन शोषण कर उनके वीडियो और फोटो डार्क वेब के जरिए विदेशों में बेचते थे. सीबीआई ने रामभवन को 18 नवंबर 2020 को गिरफ्तार किया था. जांच में आरोपी के घर से 8 मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव, सेक्स-टॉय और 8 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे. सीबीआई की ओसीएसएई यूनिट ने जांच में पाया कि आरोपी कम से कम 50 बच्चों का यौन शोषण कर चुका था और उनके वीडियो-फोटो डार्क वेब और क्लाउड नेटवर्क के माध्यम से 45 देशों में भेजे गए थे.

आरोपी बच्चों को मोबाइल, चॉकलेट और घड़ी जैसी चीजों का लालच देता था. वह इंटरनेट, डार्क वेब और ई-मेल के जरिए विदेशी पेडोफाइल नेटवर्क से जुड़ा था और इसके इस गंदे खेल में उसकी पत्नी उसकी मदद करती थी, जिसपर जिसपर CBI टीम ने आरोपी जे ई रामभवन और उसकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय के सामने पेश किया था, जो कोर्ट में 50 से ज्यादा बच्चों के बयान दर्ज किए गए थे. बांदा कोर्ट ने 18 फरवरी 2026 को पति-पत्नी के खिलाफ दोषी सिद्ध करते हुए उन्हें जेल भेजा था. इसके बाद पॉक्सो कोर्ट ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई है.

चित्रकूट के सिंचाई विभाग में तैनात रहे जेई रामभवन और उसकी पत्नी द्वारा नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण कर उनका पोर्न वीडियो बनाकर विदेशों में बेचने के मामले में बांदा पास्को कोर्ट में दोनों के खिलाफ दोष सिद्ध होने पर फांसी की सजा सुनाई है. आरोपी जेई के पास से बरामद पैसे सहित उसकी संपत्ति से पीड़ित बच्चों के परिजनों को 10 – 10 लाख की आर्थिक मदद का आदेश जारी किया है.2010 से 2020 के बीच इन बच्चों के साथ कुकर्म कर इनके वीडियो बनाकर ऑनलाइन बेचे गए. बांदा, चित्रकूट और आसपास के जिलों में वारदात को अंजाम दिया गया. 31 अक्टूबर 2020 को सीबीआई ने राम भवन और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया था मामला. दोषियों के घर से बरामद नगदी को पीड़ितों को बराबर बांटने का आदेश भी कोर्ट ने दिया.

पीड़ित बच्चों में कुछ तो 3 साल से भी कम के थे. सीबीआई ने मामले में 10 फरवरी 2021 को दाखिल की थी चार्जशीट. 26 में 2023 को राम भवन और उसकी पत्नी दुर्गावती के खिलाफ कोर्ट ने आरोप तय किए थे।सीबीआई ने मामले में कोर्ट में की मज़बूत पैरवी की. सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर रहने के दौरान राम भवन ने बच्चों का यौन उत्पीड़न किया था. कई बच्चे यौन उत्पीड़न के दौरान घायल भी हुए. कुछ पीड़ित बच्चों की आँख में भेंगेपन की भी शिकायत मिली थी.खबर मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।