Bathroom Health safety जब भी हम किसी के घर जाते हैं तो उसके घर के हाइजीन का पता उसके बाथरूम-टॉयलेट को देखकर लगाने की कोशिश करते हैं। ये घर का एक ऐसा हिस्सा है, जिसे हम साफ तो रखते हैं, उसके बाद भी उसमें लाखों जर्म्स-बैक्टीरिया होते हैं। कई रिसर्च और स्टडी में यह पाया गया है कि टॉयलेट को फ्लश करने से बनने वाली एरोसोल की बूंदें बैक्टीरिया और वायरस का ठिकाना बन जाती हैं। ये एरोसोल बाथरूम की फर्श या दिवार पर गिरती हैं।
Bathroom Health safety टॉयलेट में लाखों जर्म्स-बैक्टीरिया होते हैं

Bathroom Health safety टॉयलेट में बने एरोसोल से किसी को भी सीरियस इन्फेक्शन होने की संभावना रहती है।आज जरूरत की खबर में बात करेंगें कि बाथरूम को कैसे वायरस और बैक्टीरिया फ्री करें। साथ ही क्या-क्या चीजें बाथरूम में नहीं रखनी चाहिए।
Bathroom Health safety ब्यूटी प्रोडक्ट: बाथरूम में लड़कियां जल्दी तैयार होने के लिए ब्यूटी प्रोडक्ट रखती हैं। लड़के भी अपनी सेविंग क्रीम, ट्रिमर, हेयर जेल, फेस क्रीम बाथरूम में रखते हैं। कई बार इन चीजों के ढक्कन खुले रह जाते हैं। जिससे जर्म्स अंदर जा सकते हैं।

दवाइयां: जिन लोगों को खाली पेट दवा खानी होती है। वो अपना मेडिसिन बॉक्स बाथरूम में रखते हैं। ढक्कन खुला रह जाने से नमी से दवाइयां और मेडिकल क्रीम खराब सकती है। इसलिए ऐसा बिल्कुल न करें।
टूथ ब्रश और पेस्ट: कई लोग बाथरूम में ही टूथ ब्रश और पेस्ट रखते हैं। ऐसा करने से नमी की वजह से ब्रश और पेस्ट में बैक्टीरिया जा सकते हैं। जो आपके दांतों के साथ हेल्थ के लिए डेंजरस हो सकता है।

बाथ टॉवल: नहाने के बाद बहुत से लोग बॉडी पोंछकर टॉवल बाथरूम में ही रख देते हैं। इससे टॉवल में बैक्टीरिया आ जाते हैं। दोबारा यूज करने से बैक्टीरिया आपके शरीर के अंदर जा सकते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स: लोगों की बाथरूम में गाने सुनने, मोबाइल चलाने की आदत होती है। कई लोग तो आइपॉड या रेडियो अपने बाथरूम में ही रखते हैं। नमी की वजह से ये चीजें खराब हो सकती हैं।

Bathroom Health safety किताबें और मैगजीन: कई लोगों को बाथरूम में किताबें या मैगजीन पढ़ने की आदत होती है। अपनी आदत के चलते इन चीजों को वो बाथरूम में ही रख देते हैं। ऐसे में नमी से पेपर प्रोडक्ट मॉइश्चर सोख लेते हैं और इनमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं।
सवाल: अगर बाथरूम में टॉयलेट सीट अटैच नहीं है फिर भी ये सारा सामान वहां नहीं रखना चाहिए ?
जवाब: हां बिल्कुल नहीं रखना चाहिए। बाथरूम में पानी की वजह से नमी रहती है। नमी के कई तरह के बैक्टीरिया पनपते हैं। इसलिए बाथरूम में टॉयलेट सीट नहीं भी हो, फिर भी ये सामान नहीं रखने चाहिए।

सवाल: बाथरूम कितनी बार साफ करना चाहिए?
जवाब: एक हफ्ते में एक बार बाथरूम को डीप क्लीन करना चाहिए। जिसमें वॉश-बेसिन यानी सिंक भी शामिल है। आप रोजाना डिसिन्फेक्टन्ट डालकर झाड़ू लगाएंI
Bathroom Health safety यूरिन इन्फेक्शन: गंदा टॉयलेट यूज करने से महिलाओं को UTI यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन समेत कई तरह की बीमारियां होने का रिस्क रहता है। इन इन्फेक्शन की वजह से कई बार प्रेग्नेंसी में, मेंस्ट्रुएशन में दिक्कतें हो सकती हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 40% महिलाएं अपनी लाइफ में कभी न कभी यूरिन इन्फेक्शन की परेशानी झेलती हैं।
नोरोवायरस इन्फेक्शन: नोरोवायरस बहुत डेंजरस और इनफेक्शियस वायरस है। इसकी वजह से उल्टी-डायरिया की प्रॉब्लम हो सकती है। ये इन्फेक्शन, इन्फेक्टेड पर्सन के कॉन्टेक्ट में आने से भी हो सकता है।

हेपेटाइटिस ए इन्फेक्शन: हेपेटाइटिस ए इन्फेक्शन गंदा टॉयलेट यूज करने से होता है। बुखार, उल्टी और पेट में ऐंठन आदि इसके लक्षण हैं। ये इन्फेक्टेड लोगों के वेस्ट से फैलता है। एक ही बाल्टी या मग यूज करने से भी ये फैलता है।
ई-कोलाई इन्फेक्शन: ये इन्फेक्शन टॉयलेट के दरवाजों पर लगे बैक्टीरिया से फैलता है। इसमें खूनी दस्त, उल्टी, पेट में ऐंठन जैसी प्रॉब्लम हो सकती है। इससे छुटकारा पाने के लिए बाथरूम-टॉयलेट के दरवाजे भी साफ-सुथरे रखने चाहिए।
Bathroom Health safety सर्दी-जुकाम: गंदगी से बैक्टीरिया या वायरस से जुड़ी कई बीमारियां हो सकती हैं। अगर आपसे पहले किसी इन्फेक्टेड पर्सन ने टॉयलट सीट यूज की, फिर आपने इसे यूज किया। तो इससे आपको इन्फेक्शन होने का रिस्क रहता है। तो आप भी अपने घर के इस सबसे ख़ास हिस्से को नज़रअंदाज़ न करें क्योंकि सवाल आपकी सेहत का है
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