Special Story : Bureau Report
Facebook Messenger Scam अनीता के फेसबुक मैसेंजर पर कुछ दिन पहले एक मैसेज आया– ‘क्या इस वीडियो में आप हैं?’ इस मैसेज के साथ URL भी था। ऐसा कौन-सा वीडियो है, जिसमें मैं भी हूं। इस सोच के साथ उसने URL पर क्लिक किया। इसके बाद फेसबुक लॉगइन का पेज खुल गया। चूंकि अनीता को वीडियो देखने की जल्दी थी तो उसने ID पासवर्ड फटाफट डाल दिया। इसके बाद भी कोई वीडियो उसे नहीं दिखा।
Facebook Messenger Scam क्या है आइडेंटिटी थेफ्ट?

- Facebook Messenger Scam अनीता ने सोचा किसी ने प्रैंक किया है, जबकि उसके साथ फ्रॉड हुआ था। ID, पासवर्ड डालने के बाद ही उसका फेसबुक अकाउंट हैक हो चुका था। और तो और जिस दोस्त के अकाउंट से मैसेज आया था, उसका अकाउंट तो पहले से ही हैक था। यानी अनीता के दोस्त के साथ आइडेंटिटी थेफ्ट हो चुका था।

- Facebook Messenger Scam आइडेंटिटी थेफ्ट में किसी ऐसे इंसान की पहचान फ्रॉड के लिए इस्तेमाल की जाती है, जिसका उस फ्रॉड से कोई लेना-देना नहीं होता। उस अनजान इंसान की पहचान का इस्तेमाल करके कई तरह के गलत काम किए जा सकते हैं। जैसे- बैंक अकाउंट को हैकर्स खाली कर सकते हैं, उस पहचान का इस्तेमाल करके नया बैंक अकाउंट खोलकर लोन लिया जा सकता है। इसी तरह किसी का पहचान चुराकर हैकर्स कई तरह के अपराधों को भी अंजाम दे सकते हैं।

Facebook Messenger Scam कैसे फंसते हैं हम हैकर्स की जाल में
- Facebook Messenger Scam जिज्ञासा, यानी क्यूरियोसिटी आपको हैकर्स तक पहुंचाती है। यानी जब आप मैसेंजर पर मिलने वाले किसी भी मैसेज पर क्लिक कर देते हैं, आप यह नहीं सोचते कि वह मैसेज या URL फेक हो सकता है। जागरूकता की कमी से भी आप हैकर्स का आसान शिकार बनते हैं। हैकर्स के जाल में फंसने की एक वजह लापरवाही भी है।
Facebook Messenger Scam मैसेंजर स्कैम से ऐसे बचें

Facebook Messenger Scam किसी भी स्कैम या फ्रॉड से बचने के लिए सबसे जरूरी है जागरूकता। इसके अलावा कुछ चीजें हैं जिनका ध्यान रखकर मैसेंजर के इस स्कैम और इस तरह के दूसरे स्कैम से बचा जा सकता है।

- 2012 से फेसबुक के सभी पेज का लिंक https से शुरू होता है। ऐसे में कोई भी पेज का लिंक अगर https से शुरू नहीं हो रहा है और वो फेसबुक का पेज होने के दावे के साथ आपको भेजा गया है तो समझ जाएं कि ये फेक है। फेसबुक या अन्य किसी सोशल मीडिया पर लॉगइन के लिए 2एफए या 2 फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें। इसका मतलब है कि जब भी आप फेसबुक में लॉगइन करेंगे तो आपको ID पासवर्ड डालने के बाद फोन में तभी भेजा गया एक कोड भी डालना होगा। इसके बाद ही आप लॉगइन कर सकेंगे।

- अगर आपके पास आपके किसी दोस्त के अकाउंट से इस तरह किसी स्कैम से रिलेटेड मैसेज आया है और आप दोस्त से इस बारे में पूछना चाहते हैं तो उसी अकाउंट पर चैट कर न पूछें। किसी दूसरे माध्यम से दोस्त से बात करें। अगर कोई दोस्त आपको बताता है कि आपका अकाउंट हैक हो चुका है तो बिना देर किए अपना पासवर्ड बदल दें। इस दौरान किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
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