Jobs In Japan जापान की आबादी में बुजुर्गों के बढ़ती हिस्सेदारी का वहां कई क्षेत्रों पर असर दिख रहा है। खेती भी ऐसा ही एक क्षेत्र है जिसके लिए दुनियाभर से मजदूरों को जापान लाया जा रहा है। भारत से भी युवा ट्रेनिंग लेकर जापान जा रहे हैं।
Jobs In Japan जापान में भारतीयों को मिल रही नौकरी

Jobs In Japan ये कहानी है उत्तराखंडी निर्मल सिंह रंसवाल की जो बारहवीं पास करने के बाद जापान चले गए। क्या आप जानते हैं वो वहां क्यों गए वो वहां खेती कर रहे हैं , जी हाँ उत्तराखंड के चंपावत का निर्मल खेती-बाड़ी के लिए जापान जाने वाले अकेले भारतीय नहीं हैं। जापान की 20 प्रतिशत से ज्यादा आबादी बुजुर्ग हो गई है। इस कारण वहां खेती-किसानी पर संकट आ गया है। यही वजह है कि जापान के किसान अब भारत के कोने-कोने से स्किल्ड लेबर ले जा रहे हैं।

- Jobs In Japan इसके लिए जापान ने भारत सरकार के साथ एक समझौता भी किया है। इस समझौते के तहत भारत सरकार एक कार्यक्रम चला रही है जिसमें जापान की जरूरतों के हिसाब से युवाओं को जरूरी ट्रेनिंग दी जा रही है। पिछले वर्ष पहले पहल जापान जाने वाले 18 लोगों में निर्मल सिंह भी शामिल हैं। यह सिलसिला इस वर्ष भी जारी है।

Jobs In Japan - Jobs In Japan अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट सियांग की मोनित डोली एक रेस्तरां में काम करते थे। 31 वर्षीय मोनित के पास पीजी डिप्लोमा की डिग्री है। उन्होंने रेस्तरां की नौकरी के साथ-साथ परिवार की छोटी सी जमीन पर खेती भी की। अब वो जापान के नारा शहर में रहते हैं। वो सुबह तीन बजे उठते हैं और खेत चले जाते हैं। मोनित वहां यूनिफॉर्म में रहते हैं। वो पांवों में बूट पहनते हैं और हाथों में ग्लव्स लगे होते हैं। यह सच है कि जापान को दुनियाभर से युवाओं की जरूरत है, लेकिन जरूरी कौशल वाले सही लोगों को ही मौका मिलता है। जापानियों को ना केवल किसानों बल्कि मिट्टी की जांच करने वाले टेक्नीशियन और घोड़ों से घोड़ियों को गर्भवती करवाने के कौशल से युक्त वाले लोग भी चाहिए।’

Jobs In Japan - Jobs In Japan भारत सरकार के आंकड़े बताते हैं कि दिसंबर 2022 तक भारत से 598 युवा जापान जा चुके थे। इन सभी ने राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) की तरफ से संचालित टेक्निकल इंटर्न ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत अलग-अलग गुर सीख रखे हैं। जापान की खेती-बाड़ी वाली कंपनियों में काम के घंटे, सैलरी आदि सब तय है। वहां 1.2 लाख येन (करीब 75 हजार रुपये) के आसपास मासिक सैलरी होती है और ओवरटाइम करने के मौके भी मिलते हैं।

- Jobs In Japan जापान की कंपनियां 10वीं या 12वीं पास किसानों की भर्तियां करती हैं जिनके पास खेतों में काम करने का अनुभव हो या फिर उन्होंने खेती या बागवानी में कोई डिग्री ले रखी हो।’ जापान में ऐसे लोगों को सैलरी के अलावा इंश्योरेंस और रहने की जगह भी देता है जहां वाइफाइ की सुविधा होती है। यही वजह है कि भारत में मजदूरी करने वाले परिवारों के बीच अपने बच्चों को जापान भेजने की होड़ लगी है।
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