Special Story By : Abhilash Khanduri , Uttarakhand
Mahakaleshwar cave Uttarakhand अद्भुत उत्तराखंड को यूँ ही नहीं देवभूमि माना जाता है। पहाड़ों की गोद में देखे अनदेखे ऐसे दिव्य स्थान हैं जिसे बारे में जितना ज्ञान लेने वो बढ़ता ही जायेगा। इस बार देवभूमि में अनोखा चमत्कार जैसा हो रहा है।

Mahakaleshwar cave Uttarakhand आठ तल वाली विशाल गुफा मिली ,पौराणिक चित्र उभरे
- शैल पर्वत क्षेत्र की गुफाओं वाली घाटी गंगोलीहाट (Gangolihat) में प्रसिद्ध सिद्धपीठ हाटकालिका मंदिर से लगभग एक किमी दूर आठ तल वाली विशाल गुफा मिली है। गुफा के भीतर चट्टानों में विभिन्न पौराणिक चित्र उभरे हैं। शिवलिंग पर चट्टान की तरफ से पानी भी गिर रहा है। इस गुफा को चार स्थानीय युवाओं ने खोजा है और महाकालेश्वर (Mahakaleshwar cave) नाम दिया है। माना जा रहा है कि यह प्रसिद्ध पाताल भुवनेश्वर गुफा से भी बड़ी हो सकती है।

- रविवार को गंगोलीहाट के गंगावली वंडर्स ग्रुप (Gangavali Wonders Group) के सुरेंद्र सिंंह बिष्ट, ऋषभ रावल, भूपेश पंत और पप्पू रावल ने Mahakaleshwar cave Uttarakhand गुफा में प्रवेश किया। गुफा के आकार को देखते हुए दंग रह गए। चारों गुफा में दो सौ मीटर भीतर तक पहुंचे। सुरेंद्र के मुताबिक प्रवेश करते ही पहले करीब 35 फीट गहराई में उतरे। फिर प्राकृतिक रूप से बनी करीब आठ फीट की सीढिय़ां मिली। आगे बढऩे पर इसी तरह आठ तल तक सीढ़ी और समतल भाग से होकर आगे बढ़े। इसमें नौवां तल भी था लेकिन वहां पहुंच नहीं सके। गुफा करीब 200 मीटर लंबी है।

Mahakaleshwar cave Uttarakhand
Mahakaleshwar cave Uttarakhand गुफा की दीवारों पर उभरी हैं आकृतियां
- Mahakaleshwar cave Uttarakhand क्षेत्र की अन्य गुफाओं की तरह यहां भी चट्टानों पर पौराणिक आकृतियां उभरी हैं। शिवलिंग की आकृति पर चट्टान से पानी टपक रहा है। इसके अलावा शेषनाग व अन्य पौराणिक देवी, देवताओं के चित्र भी उभरे हैं। टीम लीडर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पास प्रकाश के लिए कम रोशनी वाले टार्च थे और रस्सी आदि नहीं होने से वे नौंवे तल तक नहीं पहुंच सके। यह अब तक मिली गुफाओं में सबसे बड़ी है। गुफा के अंदर पर्याप्त आक्सीजन है। 150 मीटर गहरी पाताल भुवनेश्वर की तरह यह गुफा इस क्षेत्र के पर्यटन में मील का पत्थर साबित हो सकती है। गंगावली वंडर्स ग्रुप को आधुनिक उपकरण मिले तो वे क्षेत्र की तीन अन्य गुफाओं की जानकारी भी सामने लाएंगे।

Mahakaleshwar cave Uttarakhand
Mahakaleshwar cave Uttarakhand अब तक देवभूमि में 10 से अधिक गुफाएं मिल चुकी हैं
- Mahakaleshwar cave Uttarakhand गंगावली क्षेत्र के शैल पर्वत शिखर पर मानस खंड में 21 गुफाओं का जिक्र है। जिसमें दस गुफाओं का पता चल चुका है। सिद्धपीठ हाट कालिका मंदिर के आसपास रविवार को मिली गुफा के अलावा तीन अन्य गुफाएं होने के संकेत भी मिल चुके हैं।गुफा खोजने वाले युवाओं ने इस गुफा को महाकालेश्वर नाम दिया है। स्थानीय जनता इसे प्रमुख आस्था का केंद्र मान रही है। सुरेंद्र की सूचना पर कुमाऊं विवि के पूर्व भूगर्भवेत्ता डा. वीएस कोटलिया ने भी गुफा का निरीक्षण करने के लिए आने की बात कही है।

Mahakaleshwar cave Uttarakhand
Mahakaleshwar cave Uttarakhand पहले भी हो चूका है खोजने का प्रयास
- Mahakaleshwar cave Uttarakhand गुफा की मौजूदगी के बारे में करीब एक साल पूर्व गंगोलीहाट के युवा दीपक रावल को जानकारी मिली थी। वह इस गुफा के संकरे प्रवेश द्वार से अंदर गए, परंतु संसाधन नहीं होने से प्रयास सफल नहीं हो सका। प्रभारी क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई, अल्मोड़ा डा. चंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पिथौरागढ़ में हाटकालिका मंदिर के समीप पाताल भुवनेश्वर गुफा की तरह ही नई गुफा खोजे जाने की सूचना मिली है। विभागीय टीम मौके पर जाएगी और इस पर शोध शुरू किया जाएगा।
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