
Minister Maharaj Action मंत्री की अनुमति के बिना कोई भी निर्णय अनुचितः महाराज

- Minister Maharaj Action दरअसल लापरवाह और ढुलमुल रवैया अपनाने वाले ब्यूरोक्रेसी में अपनी साफगोई और दो टूक चेतावनी के लिए अलग पहचान रखने वाले महाराज का गुस्सा इस बार बड़े खतरे का इशारा है जहां मंत्री की जानकारी और भरोसे में लिए बगैर शासनादेश भी जारी कर दिया गया और फिर सामने आई है मंत्री महाराज का सख्त चेतावनी……..

- Minister Maharaj Action पंचायतीराज मंत्री महाराज ने कहा कि बिना उनकी और उनके विभाग की अनुमति के 16 जनवरी 2023 के शासनादेश संख्या-1 के तहत विकासखंड स्तर पर विभिन्न विभागों के खंड स्तरीय कार्मिकों को खंड विकास अधिकारी के प्रशासनिक नियंत्रण में रखे जाने और शासनादेश संख्या-2 के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अथवा ग्राम विकास अधिकारी में से किसी एक अधिकारी की तैनाती कर दोनों पदों का कार्यात्मक विलय किए जाने का निर्णय ले लिया गया था जिसे मेरे हस्तक्षेप के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले का संज्ञान लेते हुए उक्त दोनों आदेशों को स्थगित कर दिया है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करता हूं।

Minister Maharaj Action पंचायत मंत्री के हस्तक्षेप के बाद फंक्शनल मर्जर के शासनादेश स्थगित
Minister Maharaj Action पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उक्त दोनों आदेश संविधान के 73वें संशोधन में वर्णित 29 विषयों को पंचायतों को हस्तांतरित करने के प्रयास की दिशा में अवरोध थे इसके अलावा पंचायती राज विभाग के कार्मिकों द्वारा भी उक्त दोनों शासनादेश को निरस्त करने के लिए कार्य बहिष्कार भी प्रारंभ कर दिया गया था। इसलिए मैंने मुख्यमंत्री को वस्तु स्थिति से अवगत कराया जिसके बाद इन दोनों आदेशों को स्थगित कर दिया गया है। उत्तराखंड ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एसोसिएशन ने भी सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है।
Minister Maharaj Action मंत्री महाराज ने कहा कि उन्हें आपत्ति इस बात की है कि न उनसे और ना ही उनके मंत्रालय से इस संबंध में कुछ पूछा गया। उनका कहना था कि कोई भी निर्णय चाहे अच्छा हो या बुरा इस संबंध में पहले संबंधित मंत्री से पूछा जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत के सहकारिता के कार्यों को भी बिना उनसे पूछे बीडीओ के अधीन कर दिया गया। ऐसी संस्कृति को बढ़ावा देना सर्वथा गलत है।कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि ऐसी विसंगति पैदा ना हो इसलिए दोनों विभागों का एक ही सचिव होना चाहिए और अधिकारी अपनी मनमानी ना करें इसीलिए वह अधिकारियों की एसीआर लिखने की भी बात बार-बार कह रहे हैं।
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