
Monkeypox in Uttarakhand अगर आपने अभी तक कोरोना से बचाव की हिदायत सुन राखी है और निश्चिंत हैं तो ज़रा सम्हाल जाइये क्योंकि अब आ गया है मंकीपॉक्स जी हाँ इस तेज़ी से फैलते रोग की चपेट में दुनिया के कई देशों के बाद हिन्दुस्तान भी घिरता दिख रहा है ऐसे में धामी सरकार ने मंकीपॉक्स को लेकर उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग के हवाले से ज़रूरी एसओपी जारी कर दी है। जिसके तहत सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सर्विलांस सिस्टम को सुदृढ़ करने को कहा गया है।
Monkeypox in Uttarakhand स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई एसओपी

- Monkeypox in Uttarakhand केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों पर मंगलवार को उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग द्वारा एसओपी जारी की गई। एसओपी में एहतियात के तौर पर विदेश यात्रा से लौटने वालों में मंकीपॉक्स के लक्षणों पर नजर रखे जाने के निर्देश दिए गए हैं।लक्षण की बात करें तो इसमें शरीर पर दाने के साथ बुखार और सर दर्द जैसे लक्षण रहते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मंकीपॉक्स के लक्षण स्मॉलपॉक्स की तरह ही होते हैं। इसमें शरीर पर दाने छोटी फुंसियां बुखार सर दर्द की शिकायत होती है। अब तक हुए शोध के अनुसार यह लगभग तीन सप्ताह में ठीक हो जाते हैं। इसमें बुखार, सर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, पीठ दर्द और थकावट होने लगती है।

Monkeypox in Uttarakhand : मंकीपॉक्स से सावधान
Monkeypox in Uttarakhand एक केस मिलने पर भी उसे प्रकोप माना जाएगा
कोई केस मिलने के बाद तुरंत कांटेक्ट ट्रेसिंग की जाए
किसी संदिग्ध के मिलने पर तुरंत जिला सर्विलांस यूनिट को सूचना दी जाए
गाइड लाइन के मुताबिक सैंपल भेजे जाएं
रैपिड रिस्पांस टीम द्वारा जांच की जाए
केसों की संभावना को देखते हुए टारगेटेड सर्विलांस स्थापित किया जाए
फ्रंटलाइन वर्कर्स की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए

Monkeypox in Uttarakhand सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
केरल व दिल्ली में मंकीपॉक्स का मामला मिलने के बाद उत्तराखंड के सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी में मंकीपॉक्स के लक्षण पाए जाते हैं तो सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाए और उसे आइसोलेशन में रखा जाए।

