Special Story By – Media sources
Online Sexting ये खबर अश्लील नहीं सामाजिक जागरूकता से जुडी है। पाठक इस खबर को आज के दौर के बेहद ज़रूरी मुद्दों में एक समझ कर पढ़ें क्योंकि जानकारी ही बचाव और सुरक्षा का सबसे बड़ा माध्यम है। डिजिटल युग में महिलाओं का समय खालीपन में कैसे गुजरता होगा कभी सोचा है ? जोक्स शेयर करना, सेल्फी पोस्ट करना, नई रेसिपी सीखना या फिर पड़ोसन की चुगली ? भारत में स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रही महिलाओं को लेकर एक सर्वे किया गया जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। हाल के एक अध्ययन में पाया गया कि भारत में 19 फीसदी महिलाएं डेटिंग एप्स का इस्तेमाल करती हैं, जबकि 62 प्रतिशत सक्सटिंग करती हैं।
Online Sexting औरतें मोबाइल में ये ख़ास शौक अपना रही हैं !

- Online Sexting जी नहीं, अधिकतर महिलाएं भी मोबाइल में वही करती हैं, जो अधिकतर पुरुष करते हैं – सेक्स चैट। आप कहेंगे, अरे ऐसा नहीं है। औरतों को तो ये सब बेकार की बातें लगती हैं। वो ऐसी गंदी बात नहीं कर सकतीं। तो सुनिए, सामने भले ही लड़कियां-औरतें ऐसी बातें करने से हिचकती हों, लेकिन मोबाइल स्क्रीन के पीछे 62 परसेंट भारतीय औरतें सेक्स चैट और अश्लील जोक्स शेयर करने की शौकीन हैं। लॉकडाउन के दौरान ऐसी महिलाओं की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। लेकिन क्यों?

- Online Sextingअसल में, भारत जैसे देश में सेक्स और उससे जुड़ी बातें खुलकर करने वाली औरतों को अश्लील करार दिया जाता है। चरित्रहीन और परिवार की बदनामी करने वाली महिला का खिताब उन्हें मिल जाता है। अपनी यौन इच्छाओं को खुलकर अपने पार्टनर को बताने में आज भी भारतीय महिलाएं हिचकती हैं। यही हिचक उन्हें सेक्स चैट यानी सेक्सिटंग करने के लिए उकसाती है। ख़ासकर लॉकडाउन के दौरान पिछले सात-आठ महीनों में जब सारी दुनिया सिमटकर घर की चारदीवारी में कैद हो गई तो ऑफिस और स्कूल का काम घर बैठे ऐप्स के जरिए कर पाना मुमकिन हुआ। लेकिन किसी ने यह सोचा कि अकेले रहने वाली महिलाओं ने अपनी यौन इच्छाओं को किस तरह पूरा किया होगा।

Online Sexting मोबाइल सेक्स-टेक ऐप्स’का चौंकाने वाला खुलासा
- टेक्नॉलजी ने ही यह काम उनके लिए मुमकिन बनाया कि वे अपने लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप को सेक्स चैट्स और पॉर्न विडियोज़ के जरिए कायम रख सकीं। अपने पार्टनर के साथ सेक्स के बारे में चैट करना, डिजिटल डिवाइस से उन्हें अंतरंग फोटो-विडियो भेजना सेक्स्टिंग कहलाता है। Online Sexting ऐसा करने की ज़रूरत क्यों पड़ती है, इसपर मानसिक स्वास्थ्य और उससे जुड़ी परेशानियों पर काम करने वाली पोद्दार फाउंडेशन की मैनेजिंग ट्रस्टी और मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट कहती हैं, ‘अपने यहां खुलकर सेक्स से जुड़े मामलों पर बात नहीं होती, जबकि यह बेहद अहम हिस्सा है हमारे स्वास्थ्य का।

- Online Sexting वैसे ज़िंदगी को इस तरह सुखद बनाने की पहल करने वालों में महिलाएं अब पीछे नहीं हैं। हाल में 191 देशों की लगभग 1.3 लाख महिलाओं पर किए गए शोध में पाया गया कि दुनियाभर में 21 प्रतिशत महिलाएं डेटिंग या दोस्त बनाने के लिए स्मार्टफोन ऐप्स का इस्तेमाल कर रही हैं। दिलचस्प बात यह कि भारत में ऐसा करने वाली महिलाओं का आंकड़ा करीब 19 फ़ीसदी है। इनमें से 62 प्रतिशत सेक्स्टिंग में दिलचस्पी दिखाती हैं।

- सेफ ज़ोन मिलने पर महिलाएं उत्तेजित करने वाली बातें तो करती ही हैं, लेकिन यह भी देखा गया है कि वे सेक्स और इससे जुड़े सभी आयामों को ठीक से समझने की कोशिश भी करती हैं। ‘मोबाइल सेक्स-टेक ऐप्स’ नाम की इस स्टडी में पता लगाने की कोशिश की गई कि अलग-अलग हिस्सों में महिलाएं सेक्स्टिंग ऐप्स का कैसे इस्तेमाल कर रही हैं। जहां महिला-पुरुष के अनुपात में कम असमानता है, Online Sexting वहां वे सेक्सुअल रिलेशन को और बेहतर ढंग से समझने और उसमें नए एक्सपेरिमेंट सीखने के लिए ऐप्स पर आती हैं। करीब एक-तिहाई महिलाएं अपनी सेक्सुअल एक्टिविटी का रिकॉर्ड एक जगह रखने के लिए अलग ऐप का इस्तेमाल भी करती हैं।

- बेहतर होगा कि स्कूल स्तर पर सेक्स एजुकेशन को जगह मिले ताकि बचपन से सही और गलत का अंतर समझाया जा सके।ऑनलाइन Online Sextingभी ऐसे प्लैटफॉर्म तैयार किए जा सकते हैं, जहां सुरक्षित तरीके से सेक्स पर चर्चा की जा सके और लोगों को अपने सवालों का एक्सपर्ट से जवाब मिल जाए। ऐसा करने से ‘सेक्स’ एक भारी और शर्मिंदा करने वाला शब्द भर बनकर नहीं रह जाएगा।
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