देहरादून से अनीता तिवारी की रिपोर्ट –

Paper Leak Uttarakhand क्या आप यकीन करेंगे कि जिस प्रदेश को देश में शिक्षा की राजधानी माना जाता है , जहा इंट्रेंस टेस्ट दिलवाकर बच्चों को शानदार और नामचीन स्कूलों में दाखिले का ख्व्वाब परिजन देखते हैं आज वो प्रदेश कठोर कानून बनाने पर मज़बूर हो गया है। देश भर में धामी सरकार के इस चौंकाने वाले फैसले पर चर्चा भी हो रही है। ऐसा क्या होने वाला है जिसपर बहस शुरू है और क्या इसके बाद नकल माफिया सचमुच डर जायेंगे ? क्या वाकई फिर कोई पेपर लीक काण्ड नहीं होगा ? इसकी गारंटी कौन लेगा ?
Paper Leak Uttarakhand प्रदेश कठोर कानून बनाने पर मज़बूर

Paper Leak Uttarakhand एक तरफ जोशीमठ की आपदा से सरकार लड़ रही है। अंकिता भंडारी काण्ड से पर्दा अभी उठा भी नहीं है और विधान सभा के बाहर पुराने कर्मी धरना दे रहे हैं। इस उठापटक और चुनौतियों के बीच अवैध दौलत कमाने के चक्कर में अधिकारी अपनी सरकार की जमकर फ़ज़ीहत करा रहे हैं। देश भर में आजकल पेपर लीक काण्ड से लोग हैरान हैं। यूके ट्रिपलएससी और अब ताज़ा पटवारी पेपर लीक होने और नकल की खबरें बेरोजगारों के लिए कड़वा सच बनकर मुंह चिढ़ा रही हैं। अक्सर इस तरह की खबरें मीडिया में बनी रहती हैं,

- Paper Leak Uttarakhand इसी वजह से कई राज्य इस बार सख्ती से परीक्षा आयोजित करने की योजना बना रहे हैं, जिसमें से एक उत्तराखंड भी है, जहां युवा धामी सरकार ने घोषणा की है कि राज्य में परीक्षा के दौरान नकल करने वालों की अब खैर नहीं है। यदि कोई पकड़ा गया तो उसे अगले 10 साल तक परीक्षा देने से वंचित रखा जा सकता है।

- Paper Leak Uttarakhand ये अजब हिमाकत है कि मुख्यमंत्रीओ ने बीते दिनों यूकेट्रिपल एसएसएससी काण्ड के बाद सख्त कदम उठाये थे और उम्मीद की थी कि ये दाग जल्द धुल जायेगा लेकिन हाल ही में उत्तराखंड में पटवारी लेखपाल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक मामला भी सामने आया है। इन बातों से परेशान होकर सरकार नया व सख्त कानून लाने की कोशिश में हैं। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि नकल करने वाले उम्मीदवारों या परीक्षार्थियों को 10 साल तक सरकारी एग्जाम देने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने एक ट्वीट के माध्यम से इस बात की जानकारी दी, सरकार ने ट्वीट में साफ़ कर दिया है कि भर्ती परीक्षा में नकल करने वाले अभ्यर्थी 10 साल तक किसी भी भर्ती परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि सख्त नकल विरोधी कानून में सरकार द्वारा यह प्रावधान किया जा रहा है।

Paper Leak Uttarakhand जानिये क्या है यह पूरा मामला
- Paper Leak Uttarakhand उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा हाल ही में पटवारी भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया, लेकिन इसका क्वेश्चन पेपर लीक हो गया था, जिसके बाद से फिर से परीक्षा संचालक या सरकारी की कमियों पर उंगलियां उठने लगी हैं। यही वजह है कि राज्य सरकार ने फैसला किया कि नकल रोकने के लिए सख्ती के साथ नकल विरोधी कानून बनाया जाए, राज्य के मुख्य सचिव सुखबीर सिंह संधु ने इसकी जानकारी दी जिसमें उन्होंने कहा कि दोषी के लिए उम्रकैद की सजा का प्रावधान किया जाएगा, जबकि भ्रष्टाचार से बनने वाली संपत्ति को भी सरकार द्वारा जब्त कर लिया जाएगा।
जोशीमठ के ढहते घर बहते आंसू , एक दर्दनाक सच https://shininguttarakhandnews.com/history-of-joshimath/

