Social Media Side Effects ये खबर आपके लिए बेहद चौंकाने वाली है क्योंकि हमारी ज़िंदगी पर जिसका कब्ज़ा हो चुका है वो अब हमारा सबसे बड़ा दुश्मन बनता जा रहा है। सुबह आँख खुलते ही वो हमारे हांथों में आ जाता है और देर रात तक हमारे दिल और दिमाग पर छाया रहता है। ‘लैंसेट चाइल्ड एंड एडोलसेंट हेल्थ’ की स्टडी के मुताबिक सोशल मीडिया पर मौजूद लड़कों की तुलना में लड़कियों की मेंटल हेल्थ पर ज्यादा बुरा असर पड़ता है। वे ट्रोलर्स, साइबर बुलीइंग के अलावा सेक्शुअल एब्यूज की चपेट में ज्यादा आती हैं।जिसके बाद वे मानसिक बीमारियों के जाल में फंसती जाती हैं।
Social Media Side Effects डिप्रेशन में डूब जाता है व्यक्ति

- Social Media Side Effects जर्नल PubMed की रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव होने की वजह से नींद पूरी नहीं होती, जिससे मेंटल हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है। व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार और भुलक्कड़ बन जाता है। साइबर बुलीइंग हालात को और बिगाड़ देती है। अफवाहें, निगेटिव कमेंट्स और गालियां यूजर्स के मन को चोट पहुंचाती हैं, जिसका असर गहरा होता है। प्यू रिसर्च के एक सर्वे के अनुसार करीब 60 फीसदी यूजर्स ऑनलाइन एब्यूज का शिकार होते हैं।
Social Media Side Effects बिखर जाते हैं रिश्ते, खत्म हो जाता है इमोशनल कनेक्शन

Social Media Side Effects
- Social Media Side Effects साइकेट्रिस्ट बताते हैं कि सोशल साइट्स पर बिजी रहने वालों की सामाजिक जिंदगी खत्म हो जाती है। आप घरवालों, दोस्तों से बात नहीं करते। आपसी रिश्ते खराब होते हैं। इमोशनल कनेक्शन खत्म होता है, जो नुकसानदायक है। रिश्तों में शेयरिंग, केयरिंग नहीं रहती। व्यक्ति का दायरा सीमित होता है और कुंठाएं बढ़ती हैं। यहां तक कि नए कपल भी सोशल साइट्स में इतने खोए रहते हैं कि उनकी पर्सनल लाइफ डिस्टर्ब हो जाती है, जो एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की वजह बनता है..

Social Media Side Effects जितने ज्यादा सोशल मीडिया अकाउंट, उतना ज्यादा बुरा असर
- Social Media Side Effects अधिकतर लोग कई-कई सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म यूज करते हैं। पूरी दुनिया में भारतीय यूजर्स इस मामले में भी अव्वल हैं। यहां हर यूजर के औसतन 11 से 12 सोशल मीडिया अकाउंट हैं। जबकि, रिसर्च बताती हैं कि सोशल मीडिया पर किसी के जितने ज्यादा अकाउंट होंगे, उसकी मेंटल हेल्थ उतनी ही ज्यादा बिगड़ेगी। अमेरिकी मेडिकल रिसर्चर ब्रायन ए. प्राइमैक ने मल्टीपल सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म यूज करने वालों पर एक सर्वे किया। जिसमें उन्होंने पाया कि 0 से 2 प्लैटफॉर्म यूज करने वालों की तुलना में 7 से 11 प्लैटफॉर्म इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को डिप्रेशन और एंग्जायटी का शिकार होने का खतरा ज्यादा रहता है
- Social Media Side Effects सोशल मीडिया पर रिवॉर्ड की चाहत बिगाड़ती है आदत
Social Media Side Effects सोशल मीडिया यूज करने के दौरान फील-गुड केमिकल डोपामाइन हॉर्मोन रिलीज होता है। इससे यूजर को वैसी ही संतुष्टि और सुख मिलता है, जैसा अच्छा खाना खाने, अपनों से बात करने और फिजिकल रिलेशन बनाने में हासिल होता है। फोटो, वीडियो और पोस्ट पर आने वाले कमेंट, लाइक और शेयर यूजर के लिए रिवॉर्ड पॉइंट्स की तरह काम करते हैं। इससे व्यक्ति को अजीबोगरीब खुशी मिलती है। जिससे ब्रेन का रिवॉर्ड सेंटर एक्टिवेट हो जाता है। इसी कारण यूजर सोशल साइट्स पर ज्यादा समय बिताने लगते हैं। उन्हें उम्मीद होती है कि उनकी पोस्ट लोग पसंद करेंगे और वह वायरल होगी। इससे दूसरे लोग उन्हें पहचानेंगे, पसंद करेंगे और ढेरों तारीफें मिलेंगी। लेकिन, जब ऐसा नहीं हो पाता है, तो वे मायूस होने लगते हैं। एक वक्त के बाद यह मायूसी चिड़चिड़ेपन और स्ट्रेस की वजह बनती है। वे दूसरे यूजर्स से खुद को अलग-थलग महसूस करने लगते हैं।
रैगिंग ,लड़की और नेता के बेटे की शर्मनाक करतूत ! https://shininguttarakhandnews.com/violent-leaders-son-telangana-bjp/

