Special Story By : Anita Tiwari Dehradun
Uttarakhand Congress on Ukraine : यूक्रेन पर रूसी हमले के कारण हज़ारों भारतीयों जिनमें सैकड़ों उत्तराखंडी भी हैं कि जान मुश्किल में पड़ी है और उनको रेस्क्यू करने की बजाय केंद्र की मोदी सरकार नौटंकी करने से बाज नहीं आ रही यह बात आज उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष व पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता सूर्यकांत धस्माना ने शाइनिंग उत्तराखंड न्यूज़ से खास बातचीत में कही।
Uttarakhand Congress नेता सूर्यकांत ने मोदी सरकार को घेरा

Uttarakhand congress में वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि यूक्रेन में बीस हज़ार के करीब भारतीय फंसे हैं जिनमें अधिकांश छात्र छात्राएं हैं व अन्य काम काजी लोग जो रोजगार के लिए वहां रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से देश की सरकार को रूस व यूक्रेन के तनाव के बारे में पता था किंतु सरकार ने अपने नागरिकों की कोई सुध नहीं ली और उनके सुरक्षित निकालने का कोई प्लान तैयार नहीं किया उलटा उनको उनके हाल पर छोड़ दिया व युद्ध शुरू होने पर फंसे हुए भारतीयों द्वारा मामला उठाने पर सरकार जागी जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

Uttarakhand congress on ukraine कांग्रेस नेता धस्माना ने कहा कि ढाई सौ से तीन सौ उत्तराखंड के नागरिक यूक्रेन में फंसे हैं जिनकी जान को जोखिम है। पार्टी उपाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र की सरकार को रूस व यूक्रेन की सरकार पर राजनयिक दबाव बना कर हर हाल में अपने सभी नागरिकों को तत्काल सुरक्षित निकाल कर भारत लाने का प्रबंध करना चाहिए लेकिन केंद्र तो इसे एक इवेंट बना कर वाहवाही लूटने की नौटंकी कर रहा है। पार्टी का पक्ष रखते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष धस्माना ने कहा कि 1990 में खड़ी युद्ध छिड़ने पर तत्कालीन विदेश मंत्री इंद्र कुमार गुजराल स्वयं इराक़ गए थे और तत्कालीन इराक़ी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन से मिल कर दो लाख भारतीयों को खाड़ी से सुरक्षित निकाल कर लाये थे जबकि इंद्र कुमार गुजराल ने न कभी 56 इंच का सीना होने का दावा किया था न विश्व नेता होने का ।

Uttarakhand congress लीडर सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि वर्तमान भारतीय सरकार का नेतृत्व स्वयम्भू विश्वगुरु होने और अदभुत दिव्य शक्ति होने के दावा करता है किंतु उसी सरकार के द्वारा यूक्रेन में नियुक्त भारतीय दूतावास के अधिकारी बजाय अपने लोगों की सहायता करने के केवल गाल बजा रहे हैं और सरकार के मंत्री बीस हज़ार में से 219 लोगों को लाने पर उसे मेघा इवेंट बनाने में जुट गए हैं।
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