Special Story By – Abilash Khanduri , Dehradun
Vyasi Pariyojana बिजली उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश में मील का एक नया पत्थर साबित होने वाली व्यासी जलविद्युत परियोजना के लिए बनाए गए डैम में पानी भरने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है।

Vyasi Pariyojana गावों को पहले ही करा दिया था खाली…
120 मेगावाट की यह जल विद्युत परियोजना प्रदेश को बिजली की समस्या से मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, परियोजना के लिए बनाए गए डैम में पानी भरने के दौरान डूब क्षेत्र में आए लोहारी गांव में भी आज पानी भर गया, यमुना नदी पर ग्राम जुड्डों में बनकर तैयार हुए व्यासी बांध (Vyasi Dam) की झील में पानी भरने का काम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है।

- Vyasi Pariyojana पानी का स्तर बढ़ने के साथ ही डूब क्षेत्र में आए लोहारी गांव में सोमवार को पानी आ गया है, शाम लगभग तीन बजे से गांव में पानी भरना शुरू हो गया था। इसके बाद लगातार बढ़ते जलस्तर ने गांव के मकान, गौशाला, खेत-खलिहानों व पार्क आदि को अपने आगोश में ले लिया उधर परियोजना के अधिकारियों का दावा है कि देर रात तक डैम के लिए निर्धारित जलस्तर की मात्रा को सुनिश्चित कर लिया जाएगा।

- Vyasi Pariyojana गांव को जलविद्युत निगम व प्रशासन ने कई दिन पहले ही खाली करा लिया था,गांव में रहने वाले परिवारों को गांव में ही ऊंचाई पर बने एक राजकीय प्राथमिक विद्यालय व जलविद्युत निगम की कालोनी के 12 अन्य मकानों में शिफ्ट किया गया। परियोजना के प्रभारी अधिकारी व जलविद्युत निगम के सहायक महाप्रबंधक राजीव अग्रवाल ने बताया कि व्यासी डैम में पानी का स्तर फिलहाल 629 मीटर पहुंच गया है जबकि देर रात तक जलस्तर के निर्धारित
Vyasi Pariyojana 631 मीटर तक पहुंचने की संभावना है

- उन्होंने बताया कि पानी की मात्रा पूरी हो जाने के बाद इसी सप्ताह से टरबाइनों से उत्पादित होने वाली बिजली को पावर ग्रिड में तक पहुंचाने का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसके अलावा अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक प्रदेश को परियोजना से बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी, उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को निर्धारित मुआवजा व अन्य तमाम प्रकार के देय का भुगतान पहले ही कर दिया गया है। इसके अलावा परिवारों को अस्थायी रूप से रहने के लिए छह माह का किराया देने की भी व्यवस्था निगम के माध्यम से की गई है।

Vyasi Pariyojana- जुडी जानकारी…
स्थान: लखवाड़ , जिला देहरादून ब्लॉक कालसी
स्वामित्व : उत्तराखंड जलविद्युत निगम
यमुना नदी पर निर्मित परियोजना
बांध की ऊंचाई : 204 मीटर (669 फीट)
उत्पादन क्षमता 300 मेगावाट
टरबाइन तीन (सौ-सौ मेगावाट क्षमता की)
परियोजना का कुल रकबा : 9.57 वर्ग किलोमीटर
निर्माण आरंभ : 1987
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