Special Story By : Anita Ashish Tiwari , Dehradun
Congress Disaster उत्तराखंड में कांग्रेस का वही हाल है जो देश के तमाम राज्यों में नज़र आ रहा है। यानि भाजपा के उस बयान को याद कीजिये जिसमें कहा गया था कांग्रेस मुक्त भारत…..
Congress Disaster उत्तराखंड में एक थी कांग्रेस
- Congress Disaster उत्तराखंड कांग्रेस बीते 24 घंटे में किसी बड़े तूफान का सामना करती नजर आ रही है। लगभग 1 महीने के बाद चुनाव के हार का दर्द भुलाकर आलाकमान ने प्रदेश को नई कार्यकारिणी दी… जिसमें एक विशेष खेमें पर भरोसा जताते हुए करण माहरा को प्रदेश अध्यक्ष और यशपाल आर्य को विपक्ष में पार्टी का नेता बना दिया। दिल्ली से इस ऐलान के होते हैं पहाड़ में जैसे कोहराम मच गया।

- क्या छोटा कार्यकर्ता और क्या दिग्गज कांग्रेसी , Congress Disasterसब ने जैसे मोर्चा ही खोल दिया और नए अध्यक्ष अपनी ताजपोशी का जश्न मनाने से पहले बागियों को मनाने में जुट गए हैं। कहा जा रहा है कि अगर आलाकमान के इस फैसले में बदलाव ना हुआ तो पार्टी को किसी बड़े नुकसान को भी झेलना पड़ सकता है। जिसमें टूट का एक और खतरा कमजोर कांग्रेस के लिए किसी बवंडर से कम नहीं होगा।

- प्रदेश में बीते कुछ दिनों से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को लेकर एक बड़ा गुट लगातार आक्रामक बना हुआ है। यह बात आलाकमान को भी पता है कि उत्तराखंड में बद से बदतर होती पार्टी का खामियाजा न सिर्फ कांग्रेस की साख को नुकसान पहुंचा रहा है बल्कि लीडरशिप को भी दीमक की तरह खोखला कर रहा है। एक समय था जब Uttarakhand में Congress Disaster कांग्रेस मजबूत पार्टी के तौर पर जानी जाती थी।

- पहाड़ के ग्रामीणों में कांग्रेस को लेकर एक भरोसे की भावना दिखाई देती थी। लेकिन वह दौर दो दशक पहले का था ,Congress Disaster एनडी तिवारी के जमाने से हरीश रावत के दौर तक आते-आते कांग्रेस चरमरा गई है । रही सही कसर बड़े तथाकथित नेताओं और विधायकों ने अपने निजी स्वार्थ की राजनीति के लिए रही सही उम्मीद को भी छिन्न-भिन्न कर दिया है । पड़ और सम्मान की इस अहंकारी लड़ाई में हालत यह है कि पार्टी मुख्यालय की तस्वीर ही बदरंग हो गई है।

- Congress Disaster उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों में जिस तरह से मीडिया की खबरें कांग्रेस को लेकर तरह-तरह की सुर्खियां परोस रहा है उसने भी कांग्रेस आलाकमान से लेकर प्रदेश की टीम तक को कंफ्यूज कर दिया है। कभी हरदा और धामी की मुलाकात को बड़े संकेत के तौर पर पेश किया जाता है तो कभी मुख्यमंत्री धामी के साथ प्रीतम सिंह की मुलाकात को संभावनाओं से जोड़ दिया जाता है।

- Congress Disaster दरअसल यह इसलिए हो रहा है क्योंकि खुद कांग्रेस का खेमा बुरी तरह से कमजोर और सुराखों से भरा है। इन सबके बीच भाजपा से लौटे कद्दावर नेता यशपाल आर्य को लेकर भी कांग्रेस का एक गुट है जो आज भी उनके खिलाफ माहौल बना रहा है । ऐसे में नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी पर आर्य की ताजपोशी बहुतों के गले की हड्डी बन चुकी है।

- 24 घंटे के अंदर ही जिस तरह से पार्टी में विधायकों की टूट और भाजपा के खेमे से कांग्रेस विधायकों के संपर्क में होने की बात कही जा रही है उसने उस दौर की याद दिला दी जब हरीश रावत के कार्यकाल में विजय बहुगुणा और उनके साथ तमाम विधायकों ने पार्टी से बगावत कर भाजपा का झंडा थाम लिया था। ऐसे में इस बात की संभावना बढ़ रही है कि विपक्ष के तौर पर कांग्रेस एकजुटता और एक टीम लीडर नेता के तौर पर अध्यक्ष नियुक्त किए गए करण माहरा के साथ पहाड़ के कोंग्रेसियों में सियासी अदावत चरम पर पहुंच सकती है।

- Congress Disasterचंद दिनों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपने उपचुनाव के लिए विधानसभा सीट का चयन भी करना है ऐसे में राजनीति के जानकार मानते हैं भाजपा का मौजूदा कोई विधायक इस्तीफा नहीं देगा बल्कि कमजोर कड़ी के तौर पर दिख रहे तमाम बागी कांग्रेसी विधायकों में से किसी एक को सीएम धामी अपने लिए चुन सकते हैं देहरादून में कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय में आज दिन भर लोगों की जुबान पर सिर्फ और सिर्फ बगावत गुटबाजी और दिल्ली दरबार की ओर ब्लॉक करने वाले पार्टी विधायकों और नेताओं के बयान पर ही लगी हुई थी

- Congress Disaster प्रदेश पार्टी मुख्यालय का सन्नाटा और अजीबोगरीब माहौल देखकर कहा जा सकता है कि भाजपा के कांग्रेस मुक्त भारत का स्लोगन उत्तराखंड में देहरादून के पार्टी मुख्यालय की तस्वीर देख कर चरितार्थ नजर आता है क्योंकि देश की सबसे पुरानी और बड़ी पार्टी जिस तरह से आज अपने ही नेताओं के महत्वाकांक्षा की भेंट चढ़ गई है उसमें एक बात तो तय है कि उत्तराखंड में कांग्रेस को आप भी ढूंढते रह जाओगे
पढ़िए कौन बना कांग्रेस का नया कप्तान – https://shininguttarakhandnews.com/karan-mahra-congress-president/

