Special Story By : Anita Tiwari , Dehradun
राम मंदिर बनने से पहले ही देश में करीब 1200 करोड़ की लागत से बने श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी का भव्य Yadadri Temple अब आपके लिए खुल गया है।
Yadadri Temple यदाद्री मंदिर भक्तों के लिए खुला:सीमेंट नहीं चूने से पत्थरों को जोड़ा, 1000 साल तक कुछ नहीं बिगड़ेगा

- आपको बता दें कि तेलंगाना में दुनिया के अनोखे इस मंदिर को सीएम के. चंद्रशेखर राव ने भक्तों के लिए खोलते हुए इसको देश की धरोहर बताया है। Yadadri Temple बीते 100 साल में कृष्णशिला (ब्लैक ग्रेनाइट स्टोन) से बनने वाला दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर है। मंदिर की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसे पूरी तरह शास्त्रों के मुताबिक बनाया गया है और खूबसूरती ऐसी है कि अच्छे-अच्छे महलों को भी फीका कर दे।

- अयोध्या में बन रहे राम मंदिर का अनुमानित खर्च 1100 करोड़ बताया गया है, वहीं Yadadri Temple मंदिर प्रोजेक्ट पर तेलंगाना सरकार 1200 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। 1000 करोड़ रुपए तो खर्च भी हो चुके हैं। Yadadri Temple मंदिर में 140 किलो सोना लग रहा है। इसमें से 125 किलो सोना तो गर्भगृह के गुंबद (विमान गोपुरम) पर ही लग रहा है। यहां ब्लैक ग्रेनाइट स्टोन भी ऐसे लगाए गए हैं, जिनका 1 हजार साल तक कुछ नहीं बिगड़ेगा।

- बिना ईंट-सीमेंट के पहाड़ में बना सबसे विशाल ‘यदाद्री मंदिर’ Yadadri Temple में 125 किलो सोने का बना गुंबद सबसे बड़ा आकर्षण है । इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे पूरी तरह शास्त्रों के अनुसार बनाया गया है, यह मंदिर 1200 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद बनाया गया है….
- देश के तेलंगाना में आंध्रप्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर की तरह Yadadri Temple श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी का भव्य मंदिर ब्लैक ग्रेनाइट से बनने वाला दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर है … इस मंदिर की खासियत यह है कि इसका निर्माण सनातनी शास्त्रों के अनुसार किया गया है। मॉर्डन आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग से बना यह मंदिर इतना खूबसूरत है कि ताज महल इसके सामने कुछ भी नहीं है।

Yadadri Temple मंदिर का काम पूरा हो गया
- तेलंगना में बना भगवान नृसिंह का यह मंदिर 1000 साल से भी ज़्यादा पुराना है। पहाड़ में 510 फ़ीट की ऊंचाई पर यह मंदिर यदाद्रिगुट्टा पहाड़ में बनाया गया है। यहां पर 12 फ़ीट ऊंची और 30 फ़ीट लम्बी गुफा है। गुफा में ज्वाला नृसिंह, गंधभिरंधा, और योगनंदा की मूर्तियां हैं।
- यदाद्रि टेम्पल ऑथोरिटी ने ठीक वैसे ही मंदिर का निर्माण किया है जैसा शास्त्रों में लिखा गया है। इस मंदिर में ईंट और सीमेंट का इस्तेमल नहीं किया गया है, Yadadri Temple सिर्फ ब्लैक ग्रेनाइट के इस्तेमाल से इस मंदिर को आकार दिया गया है। मंदिर का निर्माण आगम, वास्तु, और पंचरथ शास्त्रों के मुताबिक हुआ है, क्योंकि यह वैष्ण्व पंथ का मंदिर है ….

सीमेंट नहीं तो कैसे मंदिर तैयार हुआ
- इस मंदिर में सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया गया ना ही ईंट लगाई गई। तो फिर यह विशालकाय मंदिर कैसे बना? इसका जवाब है,’ लाइम मोर्टार मैथड” यह ऐसी तकनीक है जिसमे गुड़, एलोवेरा, चूना, नारियल के जूट, से तैयार 10 हज़ार मेट्रिक टन से ज़्यादा लाइम मोर्टार बनाया गया। यह सीमेंट से कई गुना ज़्यादा मजबूत और 40% सस्ता पड़ा। यह मंदिर अगले 1000 साल तक खड़ा रहेगा।
Yadadri Temple गर्भ गृह में 125 किलो सोना है

- मंदिर के गर्भ गृह में मौजूद गुंबद (विमान गोपुरम) पर 125 किलो सोना लगने का काम चल रहा है। Yadadri Temple के ध्वजस्तंभ में भी सोने का कलश लगेगा, यह 34 फ़ीट ऊँचा होगा। मंदिर के मुख्य द्वार की ऊंचाई 84 फ़ीट है इसे राजगोपुरम कहते हैं। गर्भ ग्रह में प्रवेश के लिए चरों दिशाओं में द्वार बनाए गए हैं। मंदिर जाने के लिए 400 सीढिया चढ़नी होंगी, 15 से 20 मिनट में आपको भगवान के दर्शन हो जाएंगे, VIP लोगों के लिए लिफ्ट लगी है। तो आप भी अगर देशाटन और धार्मिक यात्रा के शौक़ीन हैं तो तेलंगाना का भव्य और अनोखा मंदिर यदाद्रि आपके लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन हो सकता है।
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