पीएम मोदी और उपराष्ट्रपति ने बलिदानी वीर जवानों को दी श्रद्धांजलि, अदम्य साहस को किया याद

Pulwama Attack Black Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 2019 के पुलवामा हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धांजलि दी। तीनों नेताओं ने बलिदानी वीर जवानों के अदम्य साहस को याद किया।

यय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 2019 में जम्मू और कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले में बलिदान हुए सीआरपीएफ कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उनके अदम्य साहस और बलिदान से हर भारतीय को ताकत मिलती है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 2019 में पुलवामा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को याद कर रहा हूं। उनकी देशभक्ति, दृढ़ संकल्प और सेवा सदैव हमारी सामूहिक स्मृति में अंकित रहेगी। हर भारतीय को उनकी हिम्मत से ताकत मिलती है।

राहुल गांधी ने बलिदानी वीर जवानों को दी श्रद्धांजलि
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 2019 में पुलवामा आतंकवादी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके साहस और वीरता को याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पुलवामा में 2019 के दुस्साहसी आतंकी हमले में शहीद हुए हमारे वीर जवानों को मेरी भावपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने कहा कि भारत माता की रक्षा में उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए देश सदैव उनका ऋणी रहेगा।

उपराष्ट्रपति ने भी बलिदानी जवानों को किया याद
दूसरी ओर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले में बलिदान हुए जवानों का सर्वोच्च बलिदान हमेशा राष्ट्र की स्मृति में अंकित रहेगा और हमें एक मजबूत व सुरक्षित भारत बनाने के लिए प्रेरित करता रहेगा।

पुलवामा हमला, जिससे रो पड़ा था देश
याद दिला दें कि 14 फरवरी 2019 का काला दिन जब जम्मू और कश्मीर के पुलवामा जिले में एक आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें 78 बसों में यात्रा कर रहे 2,500 सीआरपीएफ जवानों में से 40 शहीद हो गए थे। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।

इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान में आतंकवादी शिविरों पर हवाई हमले किए। पुलवामा हमला भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव बढ़ाने के साथ ही जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और आतंकवाद पर वैश्विक चर्चा का कारण भी बना। इस दिन को ‘ब्लैक डे’ के रूप में याद किया जाता है, जब 40 बहादुर सीआरपीएफ जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी।