Body Camera उत्तर प्रदेश में निजी नर्सिंग कॉलेजों के निरीक्षण में होने वाली धांधली रोकने की नई रणनीति बनाई गई है। अब निरीक्षण करने वाली टीम को बॉडी कैमरा लगाना होगा। हर गतिविधि का लाइव प्रसारण किया जाएगा।प्रदेश में हर साल करीब 250 निजी नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। जो कॉलेज पहले से खुले हैं, उनमें सीटें बढ़ाने के लिए भी निरंतर आवेदन आ रहे हैं। इस वर्ष नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के डिप्लोमा एवं डिग्री कोर्स के लिए आनलाइन आवेदन लिए जा चुके हैं।उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल फैकल्टी में करीब ढाई हजार से अधिक आवेदन जमा हुए हैं। आवेदन करने वाले कॉलेजों की जांच की जाएगी। जांच में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलने के बाद मान्यता दी जाएगी। आमतौर पर आरोप लगता है कि जांच पर जाने वाली टीम लेनदेन करती है।
कॉलेज संचालकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया Body Camera

कॉलेजों में संसाधन नहीं होने के बाद भी मान्यता मिल जाती है। वहीं, तमाम कॉलेजों में सभी व्यवस्थाएं होने के बाद भी मान्यता नहीं मिलती है। पिछले वर्ष सभी सुविधाएं होने के बाद भी कई कॉलेज मान्यता और सीट वृद्धि से बाहर हो गए थे। कुछ कॉलेज संचालकों ने हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था।निरीक्षण के लिए जाने वाली टीम हमेशा विवादों में रहती है। इस विवाद को खत्म करने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नई रणनीति तैयार की है। तय किया है कि इस वर्ष स्थलीय निरीक्षण के दौरान सजीव प्रसारण की व्यवस्था की जाएगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से यूपी स्टेट मेडिकल फैकल्टी के सचिव को इस संबंध में निर्देश जारी किया गया है।

निगरानी के लिए एजेंसी तय
सचिव को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि बॉडी कैमरा रिकार्डिंग, लाइव स्ट्रीमिंग एवं स्थलीय निरीक्षण की निगरानी के लिए कार्यालय में सजीव प्रसारण की व्यवस्था संबंधी कार्य यूपी डेस्को को दिया गया है। इसी तरह एरिया मेजरमेंट और सिविल संबंधी कार्य के लिए एकेटीयू अथवा पीडब्ल्यूडी जैसी संस्थाओं के जरिए पैनल तैयार किया जाए।

