Special Story By – Anita Ashish Tiwari , Uttarakhand –
Donkey Milkअगर आप अपनी जवानी और खूबसूरती को हमेशा बनाये रखना चाहते हैं तो गधी …. जी हाँ गधी के दूध से नहाइये। ये हम इसलिए बता रहे हैं क्योंकि ख़ूबसूरती के लिए दुनिया भर में मशहूर प्राचीन मिस्र की महिला शासक क्लियोपैट्रा अपनी ख़ूबसूरती बरक़रार रखने के लिए गधी के दूध में नहाया करती थीं…

- अब ये अलग बात है कि हम और आप किसी को गधा कह दें तो उसको मूर्ख समझा जाता है…. इसके अलावा कई लोग आम बोलचाल में लगातार काम करने वालों को ‘गधे की तरह काम करने वाला’ भी कहते हैं….भारत में गधों का इस्तेमाल बोझा ढोने में होता रहा है लेकिन मोटर वाहन के आने के बाद बीते कुछ सालों में गधों की संख्या में काफ़ी कमी आई है…. Donkey Milk लेकिन अब गधों के बारे में ऐसी बातें सामने आ रही हैं जिससे शायद इनकी तादाद बढ़ाने में लोगों की दिलचस्पी जागे….

- आपने अब तक गाय, भैंस, बकरी या ऊंट के दूध के बारे में सुना होगा, लेकिन देश में पहली बार Donkey Milk गधी का दूध डेयरी भी खुल रही है और सबसे अच्छी बात यह है कि गधी का दूध शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है। प्रतिरक्षा प्रणाली भी चिकित्सा में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। देश में पहली बार, नेशनल हॉर्स रिसर्च सेंटर (NRCE) हिसार में हलारी नस्ल के गधी के दूध की डेयरी शुरू होने जा रही है। इसके लिए एनआरसीई ने पहले ही 10 हलरी नस्ल के गधों का ऑर्डर दिया था।

Donkey Milk जल्द ही डेयरी का काम शुरू हो जाएगा –
- गुजरात के हलारी नस्ल के गधों का दूध दवाओं का खजाना माना जाता है। Donkey Milk यह बाजार में दो हजार से सात हजार रुपये प्रति लीटर में बिकता है। इससे कैंसर, मोटापा, एलर्जी जैसी बीमारियों से लड़ने की क्षमता विकसित होती है। यह सौंदर्य उत्पाद भी बनाता है, जो काफी महंगे हैं। एनआरसीई हिसार के केंद्रीय भैंस अनुसंधान केंद्र और करनाल के राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों को भी डेयरी शुरू करने के लिए सूचीबद्ध किया जा रहा है।

Donkey Milk गधी का दूध डेयरी
Donkey Milk नवजात और शिशुओं को गधी के दूध से नहीं होती एलर्जी
- खबरों में जानकारों के हवाले से कहा जा रहा है कि कई बार गाय या भैंस के दूध से छोटे बच्चों को एलर्जी हो जाती है, लेकिन हलारी नस्ल की Donkey Milk गधी के दूध से कभी एलर्जी नहीं होती। इसके दूध में एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी एजीन तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में कई गंभीर बीमारियों से लड़ने की क्षमता विकसित करते हैं।

- एनआरसीई की एक वरिष्ठ वैज्ञानिक अनुराधा भारद्वाज, जो इस परियोजना पर काम कर रही हैं, बताती हैं कि कई बार छोटे बच्चों को गाय या भैंस के दूध से एलर्जी होती है, लेकिन Donkey Milk हलरी नस्ल के गधे के दूध से कभी एलर्जी नहीं होती है। इसके दूध में एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-एजिंग तत्व होते हैं जो शरीर की कई गंभीर बीमारियों से लड़ने की क्षमता विकसित करते हैं। गधे के दूध पर शोध कार्य एनआरसीई के पूर्व निदेशक डॉ बीएन त्रिपाठी द्वारा शुरू किया गया था।एनआरसीई के निदेशक डॉ यशपाल ने कहा कि इस दूध में नाममात्र का वसा होता है।

Donkey Milk उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं
- डेयरी से पहले, डॉ यह अनुराधा ही थीं जिन्होंने गधे के दूध से सौंदर्य उत्पाद तैयार किए थे । उनकी आविष्कार तकनीक को केरल की एक कंपनी ने कुछ समय पहले खरीदा है और सौंदर्य उत्पाद बनाए जा रहे हैं। गधे के दूध से साबुन, लिप बाम, बॉडी लोशन तैयार किया जा रहा है।

- संयुक्त राष्ट्र का खाद्य एवं कृषि संगठन यह भी कहता है कि Donkey Milk का उपयोग कॉस्मेटिक्स और फ़ार्मास्युटिकल उद्योग में भी होता है क्योंकि कोशिकाओं को ठीक करने और प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के भी इसमें गुण हैं…. ऐसा कहा जाता है कि प्राचीन मिस्र की महिला शासक क्लियोपैट्रा अपनी ख़ूबसूरती बरक़रार रखने के लिए गधी के दूध में नहाया करती थीं….तो अगर आप भी इस प्रतिभाशाली और फायदेमंद दूध से नहाने और पीने का इंतज़ार कर रहे हैं तो जल्द ये इंतज़ार ख़त्म हो सकता है।
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