Special Story By – Anita Ashish Tiwari
Suryakant Dhasmana उत्तराखंड कांग्रेस की राजनीति में बड़ा चेहरा है वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना का राज्य आंदोलन से लेकर 2022 चुनाव तक उत्तराखंड कांग्रेस केहर पोस्टर और कार्यक्रमों में आगे नजर आते हैं सूर्यकांत धस्माना कैंट विधानसभा सीट में अपनी मजबूत पकड़ बनाने वाले समाजसेवी और ऑक्सीजन बैंक के संस्थापक सूर्यकांत धस्माना ने क्यों कहा कि वह ले सकते हैं राजनीति से भी सन्यास यह है वजह –
Suryakant Dhasmana मानवसेवा के लिए राजनीति त्याग सकता हूँ – सूर्यकांत धस्माना

- Suryakant Dhasmana सियासी शख्सियतों के लिए राजनीति जीवन के लक्ष्य में भले ही अहम हो लेकिन मानवीय संवेदनाओं के साथ मज़लूमों की सेवा हमेशा व्यक्ति को खास बना देती है। कुछ इसी सोच के साथ समाज के लिए समर्पित भाव से काम करने वालों को लोग हमेशा रहनुमा मानते हैं। आज एक ऐसे ही समाजसेवी और ऑक्सीजन बैंक की स्थापना कर हज़ारों लोगों को बेशकीमती सांसों की सौगात देने वाले लीडर सूर्यकांत धस्माना की चर्चा हो रही है। जिनका बड़ा बयान आया है जिसमें वो कहते है कि राजनीति जीवन की प्राथमिकता में दूसरे स्थान पर है और मानव सेवा पहले स्थान पर और अगर जीवन में कभी ऐसा अवसर आया कि दोनों में से एक को चुनना पड़े तो वो निश्चित तौर पर मानव सेवा को ही चुनेंगे

- क्योंकि सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है , यह बात रामनवनी के अवसर पर महेन्द्र विहार चकराता रोड में सामाजिक संस्था लोक सेवा संगम द्वारा एन आई वी एच के सहयोग से आयोजित एक मेडिकल हैल्थ कैम्प का शुभारंभ करते हुए उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कही। Suryakant Dhasmana
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Suryakant Dhasmana
देहरादून की कैंट विधानसभा को अपनी कर्मभूमि बनाकर लोगों के बीच काम कर रहे सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सरकारी तंत्र की बड़ी भूमिका है किंतु भारत जैसे बड़ी आबादी वाले देश में गैर सरकारी सामाजिक संस्थाओं की भी बहुत बड़ी व महत्वपूर्ण भूमिका है जो कोविड काल में साबित हुई।

Suryakant Dhasmana कॉंग्रेसी धस्माना ने कहा कि बीमार और उस पर भी दिव्यांग जनों की सेवा तो साक्षात भगवान की सेवा के बराबर है। इस अवसर पर लोक सेवा संगम के अध्यक्ष मन मोहन कपूर ने कोविड काल में सूर्यकांत धस्माना के ट्रस्ट द्वारा की गई सेवा विशेष तौर पर ऑक्सीजन बैंक की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि अनेक लोगों की जान सूर्यकांत धस्माना के प्रयासों से बची। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता धस्माना ने तीन दिव्यांगों को व्हील चेयर, 26 मरीजों को कान की मशीन, 122 मरीजों को आंख के चश्मे भेंट किये व एक दर्जन दांतों के मरीजों का चैकअप किया गया।

- समाज सेवा के क्षेत्र में बीते कई सालों से उत्तराखंड के अलग-अलग जनपदों और अलग-अलग समुदाय के लिए सूर्यकांत धस्माना का मानव सेवा ट्रस्ट बढ़-चढ़कर भागीदारी निभा रहा है। Suryakant Dhasmana कोरोनकाल में ट्रस्ट ने जिस तरह से देश का पहला ऑक्सीजन बैंक स्थापित कर एक नई पहल की उसने देहरादून के सैकड़ों लोगों को सांसो का दान देकर उनके जीवन और उनके प्राण बचाए हैं।

Suryakant Dhasmana सांसे नाम का पहला ऑक्सीजन बाइक किया स्थापित
- Suryakant Dhasmana यह अलग बात है कि राजनैतक संघर्ष में सूर्यकांत धस्माना को अभी जीत के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा । लेकिन सामाजिक चेतना और सामाजिक सहयोग के क्षेत्र में जो मुकाम सूर्यकांत धस्माना ने बीते दो दशकों में बनाए हैं उस मुकाम तक पहुंचना राजनीति के साथ-साथ सोशल एक्टिविटी में किसी के लिए भी आसान नहीं है। बिना किसी बड़े आर्थिक मदद की और बिना किसी सरकारी अनुदान के जिस तरह से सूर्यकांत धस्माना का ट्रस्ट मजदूरों और गरीबों के लिए एक बैसाखी बना है उसने न सिर्फ कांग्रेस नेता धस्माना की बल्कि उनके ट्रस्ट से जुड़े हर एक सदस्यों की हाथ पहाड़ में पहचान स्थापित कर दी है

Suryakant Dhasmana आज एक बार फिर टीम धस्माना और जगदीश लखेड़ा, रिहैबिलिटेशन ऑफिसर एनआईवीएच, डॉक्टर आर पी जोशी, डॉक्टर ओ पी गुप्ता, डॉक्टर रोहित अग्रवाल ,डॉक्टर अनिल सिंह ईएनटी
डॉक्टर सूर्यकप्रकाश आंखे व अस्तिका वैलनेस के संस्थापक नवनीत कपूर ने कैम्प में पहुंचे दिव्यांगों व मरीजों की मदद की है। उम्मीदों और मदद का कारवां यूं ही आगे बढ़ता रहे ऐसी उम्मीद की जानी चाहिए क्योंकि देश और प्रदेश को आज के हालात में कदम कदम पर तमाम सूर्यकांत धस्माना की दरकार है।
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