Special Report By : Anita Tiwari , Dehradun

Ankita Case SIT अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच के लिए गठित एसआईटी ने अपनी जांच में पाया कि वनंत्रा रिजॉर्ट में वीआईपी गेस्ट के लिए अलग से प्रेजिडेंशियल स्वीट की व्यवस्था थी। जिसमें ठहरने वाले वीआईपी को स्पेशल ट्रीटमेंट दिया जाता था। इस जानकारी के बाद एसआईटी मामले में वीआईपी एंगल की पड़ताल में जुटी है। आरोपियों से क्राइम सीन की पुष्टि कराकर अब आगे की जांच जारी है। दरअसल अंकिता हत्याकांड के बाद कई सुराग सामने आए हैं, उनमें वीआईपी को स्पेशल ट्रीटमेंट देने के लिए अंकिता पर दबाव डाले जाने की भी बात सामने आई है।
Ankita Case SIT कौन बना रहा देवभूमि को थाईलैंड ?

- Ankita Case SIT जांच में यह सामने आया है कि रेजॉर्ट में एक प्रेजिडेंशियल स्वीट भी है। रेजॉर्ट स्टाफ उस स्वीट में रुकने वालों को ही वीआईपी बोलते हैं। पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान तीनों आरोपियों की सीन ऑफ क्राइम पर विजिट कराई गई। घटनास्थल के इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी इसकी तस्दीक कर रहे हैं। आरोपी का मोबाइल पुलिस ने पहले ही बरामद कर लिया था। एक-दो मोबाइल और हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पटवारी से भी पूछताछ कर ली गई है। कुछ मुख्य गवाह हैं, जो कि सीधे तौर पर इस वारदात से जुड़े हैं, उन सबसे भी पूछताछ कर ली गई है।

- Ankita Case SIT रिसोर्ट की तस्वीरों को देख कर बड़ी आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से इसके कमरों को आलीशान और भोग विलास के लिए तैयार किया गया था इंटरनेट पर मौजूद रिसोर्ट की तस्वीरें बताती हैं कि इसमें पैसा भी दिल खोलकर खर्च किया गया था और उसे किस तरह से वसूल किया जा रहा था यह भी अब सामने आ रहा है लेकिन अब सब की नजर उस वीआईपी पर टिक गई है जिसके लिए इस पूरे कांड में अंकिता को अपनी जान देनी पड़ गई

- Ankita Case SIT एक तरफ एसआईटी की जांच है तो दूसरी तरफ प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों का वह संदेह और सनसनीखेज आरोप है जिसमें उन्होंने कहा है कि देवभूमि को कुछ लोग अय्याशी का अड्डा बना रहा है और थाईलैंड जैसा शर्मनाक कल्चर पहाड़ों पर डेवलप कर रहे हैं । अब इसमें यह कहने की कोई जरूरत नहीं है कि उनका इशारा किस घिनौने अपराध की तरफ है। लेकिन जिस तरह से खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बेहद गंभीरता के साथ जांच को पारदर्शिता के साथ प्रदेश के सामने लाना चाहते हैं उसने उम्मीद की जानी चाहिए कि मासूम अंकिता की आत्मा भी इंसाफ का इंतजार कर रही होगी और प्रदेश में कड़े फैसले और पूरे न्याय की आस नजर आ रही है जिसके बाद फिर कोई अंकिता अपनी अस्मत को बचाने के लिए जिंदगी कुर्बान नहीं करनी पड़ेगी।
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